नींबू की खेती करने वाले किसानों के लिए फूल आने का समय सबसे संवेदनशील चरण माना जाता है। इसी समय फसल की दिशा तय होती है कि आगे उत्पादन बेहतर होगा या नुकसान झेलना पड़ेगा। अक्सर देखा जाता है कि पेड़ों पर फूल तो अच्छी मात्रा में आते हैं, लेकिन कुछ ही दिनों में झड़ जाते हैं या छोटे-छोटे फल बनने के बाद फटने लगते हैं। इसका सीधा असर पैदावार और किसानों की आमदनी पर पड़ता है। कई बार किसान पूरी मेहनत और देखभाल के बावजूद इस समस्या से जूझते रहते हैं।
दरअसल, इस दौरान पौधों को सही पोषण, पानी और देखभाल की जरूरत होती है, जिसकी थोड़ी सी कमी भी बड़ा नुकसान कर सकती है। इसलिए इस अहम समय पर सतर्क रहना और सही उपाय अपनाना बेहद जरूरी हो जाता है।
मेहनत के बाद भी क्यों नहीं मिलता पूरा फायदा?
अक्सर किसान पूरी मेहनत करते हैं, फिर भी मनचाहा उत्पादन नहीं मिल पाता। इसकी वजह सही समय पर सही देखभाल न होना है। अगर इस स्टेज पर थोड़ी भी लापरवाही हो जाए, तो फूल और फल दोनों पर असर पड़ता है।
पोषण का संतुलन है सबसे जरूरी
कृषि जानकारों के मुताबिक, नींबू के पौधों में फूल और फल बचाने के लिए सही पोषण बहुत जरूरी है। किसान कई बार सिर्फ सामान्य खाद और पानी देते रहते हैं, लेकिन सूक्ष्म तत्वों की कमी पर ध्यान नहीं देते। इससे पौधे कमजोर हो जाते हैं और फूल टिक नहीं पाते।
अगर पेड़ पुराने हो गए हैं और उनमें फूल कम आ रहे हैं, तो समय पर कटिंग-प्रूनिंग करना जरूरी है। सूखी और पुरानी टहनियों को हटाने से नई टहनियां निकलती हैं, जिन पर आगे फूल और फल लगते हैं। इसलिए साल में एक बार छंटाई जरूर करें।
बोरॉन की कमी से झड़ते हैं फूल
अगर फूल आकर गिर रहे हैं, तो यह बोरॉन की कमी का संकेत हो सकता है। ऐसे में बोरॉन युक्त खाद या घोल का छिड़काव करना फायदेमंद रहता है। इससे फूल मजबूत होते हैं और फल बनने के चांस बढ़ जाते हैं।
हार्मोन स्प्रे से मिलेगा बेहतर रिजल्ट
नींबू की खेती में प्लांट ग्रोथ हार्मोन का सही मात्रा में छिड़काव करने से फूल गिरने की समस्या कम होती है और फल अच्छे से विकसित होते हैं। लेकिन इसका इस्तेमाल हमेशा विशेषज्ञ की सलाह से ही करें।
सही देखभाल से बढ़ेगी कमाई
नींबू की अच्छी पैदावार के लिए नियमित देखभाल, संतुलित पोषण और समय-समय पर छंटाई बहुत जरूरी है। अगर किसान इन आसान तरीकों को अपनाएं, तो पेड़ फल से लद जाएंगे और आमदनी में भी अच्छा इजाफा होगा।