इस साल मौसम के बदलते मिजाज का असर लीची की खेती पर देखने को मिल रहा है। कई बागानों में पेड़ों पर मंजर (फूल) तो दिखाई दे रहे हैं, लेकिन उनकी संख्या सामान्य वर्षों की तुलना में कम बताई जा रही है। इससे किसानों की चिंता भी बढ़ने लगी है, क्योंकि मंजर ही आगे चलकर फल में बदलते हैं। अगर इस चरण में किसी तरह की समस्या आ जाए तो उत्पादन पर सीधा असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि मौसम में अचानक हुए उतार-चढ़ाव की वजह से लीची के पेड़ों की प्राकृतिक प्रक्रिया प्रभावित हुई है।
