दुनिया के सबसे महंगे फलों में से एक मियाजाकी आम अपने अनोखे स्वाद, मुलायम टेक्सचर और सुगंध के लिए जाना जाता है। इसकी कीमत ₹2.5 से 3 लाख प्रति किलो तक जा सकती है। जापान की जलवायु में पनपने वाले इस दुर्लभ आम को उगाना अन्य जगहों पर बेहद मुश्किल होता है। लेकिन उडुपी (भारत) के एक किसान जोसेफ लोबो ने अनजाने में अपने टेरेस पर इस दुर्लभ आम को उगाकर सबको चौंका दिया। शुरुआत में उन्हें इसकी असली कीमत का अंदाजा नहीं था और उन्होंने परिवार संग इसकी पहली फसल का स्वाद भी चख लिया। जब एक रिपोर्टर ने इसकी दुर्लभता को पहचाना, तो ये खबर जंगल में आग की तरह फैल गई।
अब उनका टेरेस फार्म कई किसानों के लिए प्रेरणा बन चुका है, और वे अपनी खेती की तकनीक दूसरों को भी सिखा रहे हैं। अगर आप भी टेरेस पर मियाजाकी आम उगाना चाहते हैं, तो यहां एक स्टेप-बाय-स्टेप गाइड दी गई है।
जोसेफ लोबो ने कई प्रकार के फलों को अपने टेरेस गार्डन में उगाया था। जब वे पारंपरिक आम उगा सकते थे, तो उन्होंने सोचा कि मियाजाकी आम भी उगाया जा सकता है। वे इस आम की असली कीमत से अनजान थे, इसलिए उन्होंने इसे किसी सामान्य आम के पौधे की तरह ही उगाया। यदि आप भी इसे उगाना चाहते हैं, तो बड़े गमले या ग्रो बैग का इस्तेमाल करें ताकि जड़ों को पर्याप्त जगह मिल सके।
इस आम को उगाने का लोबो का सबसे बड़ा सीक्रेट उसकी खास मिट्टी है। वे खुद घर पर एक विशेष मिश्रण तैयार करते हैं जिसमें गाय का गोबर, भेड़ की खाद, दही और सब्जियों के अवशेष होते हैं। यह मिश्रण आवश्यक 9 खनिजों से भरपूर होता है और पौधे की वृद्धि को बढ़ावा देता है। अगर आप भी इसे उगाना चाहते हैं, तो 50% इस जैविक खाद का मिश्रण और 50% सामान्य मिट्टी मिलाकर एक अच्छा ग्रोथ मिक्स तैयार करें।
सही मिट्टी तैयार करने के बाद पौधे को ध्यान से रोपें। शुरुआत के दिनों में इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत होती है। यह सुनिश्चित करें कि इसे पर्याप्त धूप और पानी मिले। लोबो का पौधा टेरेस पर था, इसलिए उसे भरपूर धूप मिली जिससे इसकी ग्रोथ अच्छी हुई।
जोसेफ लोबो किसी भी तरह के रासायनिक कीटनाशकों के सख्त खिलाफ हैं। उनका मानना है कि ये पौधे और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक होते हैं। इसके बजाय, वे नीम के तेल का छिड़काव करते हैं, जो प्राकृतिक कीटनाशक के रूप में काम करता है और पौधे को स्वस्थ बनाए रखता है।
लोबो अपने पौधों को हर 30 दिन में जैविक खाद देते हैं। इससे पौधे को सभी आवश्यक पोषक तत्व मिलते हैं और वो अच्छी तरह फलता-फूलता है। अगर आप अपने पौधे को स्वस्थ रखना चाहते हैं, तो इस फीडिंग शेड्यूल को जरूर फॉलो करें।
मियाजाकी आम बहुत तेजी से फल नहीं देता। इसे तैयार होने में तीन से साढ़े तीन साल तक का समय लगता है। जब लोबो के पौधे ने पहली बार फल दिया, तो उन्हें इसकी असली कीमत का अंदाजा भी नहीं था। यह आम लंबे समय और निरंतर देखभाल के बाद ही फल देता है, इसलिए इसे उगाने के लिए धैर्य और समर्पण की जरूरत होती है।
अगर आप भी टेरेस पर मियाजाकी आम उगाना चाहते हैं, तो सही पौधे का चयन, पोषक मिट्टी, जैविक खाद, नियमित देखभाल और धैर्य इन पांच चीजों का ध्यान रखें। क्या पता, अगली बार आपका भी टेरेस फार्म चर्चा का विषय बन जाए।