Guru Pushya Yoga: ज्योतिष शास्त्र में देवगुरु बृहस्पति का अहम स्थान है। बृहस्पति को संतान, संपन्नता और सम्मान का कारक माना जाता है। इनकी शुभ स्थिति का विचार सभी मांगलिक कार्यों के लिए किया जाता है। यह ग्रह इस समय कर्क राशि में गोचर कर रहा है, जिसके स्वामी चंद्रमा हैं। कर्क राशि में गुरु का गोचर 12 सालों के बाद हुआ है और इस राशि में गुरु उच्च के होते हैं, यानी वह काफी शक्तिशाली होते हैं। वहीं, पुष्य नक्षत्र के स्वामी शनि हैं। शनि को ज्योतिष शास्त्र में न्यायप्रिय ग्रह और कर्मों के आधार पर फल देने वाला ग्रह माना जाता है।
