Guru Vakri: ज्योतिष शास्त्र में देवताओं के गुरु कहे जाने वाले ग्रह बृहस्पति का अहम स्थान बताया गया है। ये जातक के जीवन में बुद्धि, सम्पन्नता और मान-सम्मान के कारक होते हैं। इनकी चाल और स्थिति का विशेष महत्व होता है। गुरु की चाल या स्थिति में किसी भी तरह के परिवर्तन से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं। ये ग्रह 5 दिसंबर से मिथुन राशि में वक्री हो गया है। बृहस्पति ग्रह ने शुक्रवार शाम 5 बजकर 25 मिनट पर उल्टी चाल शुरू की है और 11 मार्च 2026 तक इसी स्थिति में रहेगा। गुरु ग्रह के वक्री होते ही चार राशियों की जिंदगी बदल जाएगी। ये लोग हर काम में सफलता पाएंगे। आर्थिक स्थिति पहले से मजबूत होगी। नई नौकरी मिलने के योग बन रहे हैं। लव लाइफ भी अच्छी रहेगी। इनकम में बढ़ोतरी होगी।
वृषभ राशि : वक्री गुरु के इस गोचर से आपको धन का लाभ होगा। 11 मार्च तक दान-धर्म आदि सेवा कार्यों में सहयोग दें। इस दौरान आपके स्वभाव में सकारात्मक बदलाव आयेगा। मिट्टी के काम से जुड़े लोगों को इस दौरान अधिक लाभ मिलेगा। अतः गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए सवा किलो चने की दाल पीले कपड़े में बांधकर मंदिर में दे आएं।
मिथुन राशि : मिथुन राशि के जातकों के लिए वक्री गुरु आपकी आर्थिक स्थिति अच्छी करेंगे। अच्छे व्यवहार की वजह से आपको तरक्की मिलेगी। किसी मुकदमे या वाद-विवाद में अपने पिता या पिता समान किसी व्यक्ति की सलाह लेना आपके लिए बेहतर होगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए महिलाओं का सम्मान करें।
सिंह राशि : वक्री गुरु के इस गोचर से 11 मार्च तक आपका समय खुशनुमा रहेगा। आपकी आमदनी बढ़ेगी और कामनाओं की पूर्ति होगी, साथ ही आपको उच्च पद की प्राप्ति होगी। आपको पिता की सम्पत्ति का भी लाभ मिलेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल सुनिश्चित करने के लिए परिवार में जब भी किसी को जरूरत पड़े, उनकी मदद जरूर करें।
कुंभ राशि : वक्री गुरु के इस गोचर से समाज में आपको मान-सम्मान मिलेगा। 11 मार्च तक आपके संतान को कोई सफलता मिलेगी। आपका घर बच्चों की किलकारियों से गुंजेगा। लिहाजा गुरु के शुभ फल बनाये रखने के लिए श्री गणेश की उपासना करें और धार्मिक कामों के लिए सहयोग देते रहे।