Pradosh Vrat 2026: हिंदू कैलेंडर में प्रत्येक माह की कृष्ण और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत किया जाता है। भगवान शिव को समर्पित इस व्रत में प्रदोष काल में पूजा का विशेष महत्व होता है। माघ मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदश तिथि 16 जनवरी, शुक्रवार को होगी। शुक्रवार के दिन पड़ने के चलते यह शुक्र प्रदोष व्रत होगा। पंचांग के अनुसार, इस व्रत के पावन दिन पर कई मंगलकारी योग बन रहे हैं। साथ ही, शुक्र प्रदोष व्रत के दिन चंद्र देव का राशि परिवर्तन भी हो रहा है। चंद्र देव के राशि परिवर्तन करने से दो राशि के जातकों को विशेष लाभ होगा और इन राशियों पर भगवान शिव की विशेष कृपा बरसेगी। इस व्रत के पुण्य-प्रताप से साधक की हर मनोकामना पूरी हो सकती है। साथ ही आर्थिक तंगी से भी छुटकारा मिल सकता है।
चंद्रमा का धनु में राशि परिवर्तन
ज्योतिष गणनाओं के अनुसार, चंद्र देव 16 जनवरी को सुबह 05 बजकर 47 मिनट पर वृश्चिक राशि से निकलकर धनु राशि में गोचर करेंगे। इस राशि में चंद्र देव अगले दो दिनों तक रहेंगे। इसके बाद 18 जनवरी को मकर राशि में गोचर करेंगे। चंद्र देव के राशि परिवर्तन से कई राशि के जातकों को लाभ मिलेगा।
वृश्चिक राशि : चंद्र देव के राशि परिवर्तन करने से वृश्चिक राशि के जातकों पर भगवान शिव की विशेष कृपा होगी। उनकी कृपा से जीवन में शुभ और मंगल का आगमन होगा। धन की परेशानी दूर होगी। घर पर खुशियों का माहौल रहेगा। आपके प्रयास की सराहना की जाएगी। कोई बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। इससे घर में खुशियों का माहौल रहेगा। करियर या कारोबार संबंधी परेशानी दूर होगी। चिंता और तनाव से भी छुटकारा मिलेगा। किसी अपने या खास व्यक्ति से मिलना होगा। इससे कई बिगड़े काम बन सकते हैं। आत्मविश्वास बढ़ेगा। इससे जीवन की नई रुपरेखा तैयार होगी। ऐसा भी हो सकता है कि आप फ्यूचर की प्लानिंग करेंगे।
कुंभ राशि : कुंभ राशि के जातकों पर शिवजी की विशेष कृपा बरसेगी। उनकी कृपा से न केवल पैसों संबंधी परेशानी दूर होगी। वहीं, जीवन में सभी प्रकार के सुखों की प्राप्ति होती है। मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। घर पर मांगलिक कार्य होंगे। जीवन का उद्देश्य पता चलेगा। शिवजी की कृपा से घर में खुशियों का माहौल रहेगा। कारोबार के विस्तार की प्लानिंग करेंगे। फंसा हुआ पैसा वापस मिलेगा। अपनों के साथ रिश्ते मजबूत होंगे। भक्ति भाव से देवों के देव महादेव की पूजा करें। वहीं, पूजा के समय उन्हें सफेद पुष्प और फल अवश्य ही अर्पित करें।