Surya-Shani Yuti: शनि और सूर्य को ज्योतिष शास्त्र में विराधाभासी ग्रह माना जाता है। हालांकि इन दोनों के बीच पिता-पुत्र का संबंध है, लेकिन धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इनकी आपस में नहीं बनती है। इसलिए ज्योतिष में इन दोनों ग्रहों का एक साथ आना कठिन समय की शुरुआत का संकेत होता है। यूं तो ग्रहों के गोचर से सभी 12 राशियां प्रभावित होती हैं, लेकिन कुछ राशियों के ग्रह विशेष का गोचर अच्छा नहीं होता है। ऐसा ही कुछ चार राशियों के साथ हो सकता है, जब सूर्य और शनि देव 15 मार्च के बाद युति करेंगे।
