Union Budget 2026: भारत का क्लीन-फ्यूल रोडमैप अब बजट 2026 में एक और बड़ा कदम आगे बढ़ा है। 1 अप्रैल, 2025 से देशभर में 20% इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल (E20) के लागू होने के बाद, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज परिवहन में इस्तेमाल होने वाले CNG में चरणबद्ध रूप से CBG (Compressed Bio-Gas) मिलाने की घोषणा की है। यह कदम सरकार के पहले के इथेनॉल प्रोत्साहन के अनुरूप है और इसका उद्देश्य जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम करना और घरेलू बायो-एनर्जी उत्पादन को बढ़ावा देना है। इससे कार्बन उत्सर्जन में भी कमी आएगी।
CBG का CNG और PNG में मिश्रण
ऑटोमोबाइल और ऊर्जा क्षेत्रों के लिए सबसे बड़ी घोषणाओं में से एक है CNG और पाइप वाली प्राकृतिक गैस (PNG) दोनों में CBG के चरणबद्ध मिश्रण को अनिवार्य करना। इस बदलाव से उत्सर्जन में कमी आने, कृषि अपशिष्ट के उपयोग से किसानों की आय में वृद्धि होने और प्राकृतिक गैस के आयात बिल में कमी आने की उम्मीद है। ऑटोमोबाइल बाजार के लिए, यह E20 के बाद भारत का दूसरा बड़ा मिश्रित ईंधन (ब्लेंडेड-फ्यूल) परिवर्तन होगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतरमण ने भारत के इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इकोसिस्टम को मजबूत करने के लिए सरकार के इरादे को दोहराया। उन्होंने कहा, "हमारी सरकार ई-व्हीकल इकोसिस्टम का विस्तार और मजबूत करेगी," और EV निर्माण और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए अधिक समर्थन की घोषणा की। एक प्रमुख पहल यह है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट में ई-बसों को अपनाने के लिए राज्य और नगर परिवहन निगमों के लिए मजबूत पेमेंट सिक्योरिटी फ्रेमवर्क तैयार किया जाएगा।
बैटरी निर्माण को बड़ा प्रोत्साहन
घरेलू उत्पादन को और बढ़ावा देने के लिए, बजट में EV बैटरी निर्माण के लिए 35 अतिरिक्त कैपिटल गुड्स को छूट वाली सूची में शामिल करने का प्रस्ताव है, और मोबाइल फोन बैटरी उत्पादन के लिए 28 और वस्तुओं को जोड़ने का प्रस्ताव है।
इसके अलावा, कोबाल्ट पाउडर, लिथियम-आयन बैटरी स्क्रैप, सीसा, जिंक और 12 अन्य महत्वपूर्ण खनिजों पर बेसिक कस्टम ड्यूटी पूरी तरह से माफ रहेगा। यह जुलाई 2024 के बजट में 25 महत्वपूर्ण खनिजों पर दी गई छूट के ऊपर है, जिससे भारत की कच्चे माल की सुरक्षा मजबूत होगी।
दुर्घटना पीड़ितों के लिए कर राहत
दुर्घटना पीड़ितों के लिए कर राहत एक महत्वपूर्ण कल्याणकारी उपाय है। वित्त मंत्री ने प्रस्ताव रखा है कि मोटर एक्सीडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल की तरफ से किसी व्यक्ति को दिए गए किसी भी ब्याज पर आयकर पूरी तरह से नहीं लगेगा और कोई TDS लागू नहीं होगा।