Budget 2025-26: नोमुरा को गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ने की उम्मीद, इनकम टैक्स स्लैब भी बदल सकते हैं

Nomura का कहना है कि सरकार का फिस्कल डेफिसिट इस फाइनेंशियल ईयर में तय टारगेट से कम रहेगा। यह जीडीपी का 4.8 फीसदी रह सकता है। सरकार ने 4.9 फीसदी का टारगेट तय किया था। इसकी बड़ी वजह FY25 में सरकार का कम कैपिटल एक्सपेंडिचर है

अपडेटेड Jan 25, 2025 पर 12:18 PM
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वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को दिन में 11 बजे लोकसभा में यूनियन बजट पेश करेंगी। यह लगातार उनका 8वां बजट होगा।

विदेशी ब्रोकरेज फर्म नोमुरा का मानना है कि यूनियन बजट 2025 में सरकार का फोकस जीडीपी ग्रोथ बढ़ाने के साथ ही फिस्कल कंसॉलिडेशन के उपायों पर होगा। फिस्कल कंसॉलिडेशन का मतलब सरकार के घाटे में कमी से है। ब्रोकरेज फर्म का अनुमान है कि सरकार कंजम्प्शन बढ़ाने के लिए इनकम टैक्स के स्लैब में भी बदलाव कर सकती है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को दिन में 11 बजे लोकसभा में यूनियन बजट पेश करेंगी। यह लगातार उनका 8वां बजट होगा।

फिस्कल डेफिसिट टारगेट से कम रहने की उम्मीद

Nomura का कहना है कि सरकार का फिस्कल डेफिसिट (Fiscal Deficit) इस फाइनेंशियल ईयर में तय टारगेट से कम रहेगा। यह जीडीपी का 4.8 फीसदी रह सकता है। सरकार ने 4.9 फीसदी का टारगेट तय किया था। इसकी बड़ी वजह FY25 में सरकार का कम कैपिटल एक्सपेंडिचर है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) ने पिछले साल यूनियन बजट (Union Budget) में कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 11.11 लाख करोड़ रुपये का टारगेट तय किया था। लेकिन, लोकसभा चुनावों की वजह से पहली तिमाही में सरकार का पूंजीगत खर्च काफी कम रहा। FY25 में सरकार का पूंजीगत खर्च टारगेट से कम रहने का अनुमान है।


पूंजीगत खर्च में 12.5 फीसदी इजाफा हो सकता है

ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि सरकार यूनियन बजट में पूंजीगत खर्च में साल दर साल 12.5 फीसदी इजाफा को जारी रखेगी। साथ ही सरकार इंडिया को अपना मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने वाली कंपनियों के लिए कॉर्पोरेट टैक्स घटा सकती है। इंटरमीडियट गुड्स पर कस्टम ड्यूटी में भी कमी की जा सकती है। सरकार कृषि क्षेत्र में निवेश बढ़ाने का भी ऐलान कर सकती है। केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार का फोकस ग्रामीण इलाकों में लोगों खासकर किसानों की इनकम बढ़ाने पर रहा है।

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गोल्ड पर बढ़ सकती है इंपोर्ट ड्यूटी

नोमुरा का अनुमान है कि सरकार गोल्ड पर इंपोर्ट ड्यूटी बढ़ाने का ऐलान भी यूनियन बजट में कर सकती है। इंश्योरेंस सेक्टर में FDI के नियम आसान बनाए जा सकते हैं। साथ ही रुपये को कमजोर होने से रोकने के लिए विदेशी निवेश बढ़ाने के उपायों का ऐलान हो सकता है। पिछले कुछ हफ्तों में डॉलर के मुकाबले रुपये में काफी गिरावट आई है। ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि सरकार FY26 में बाजार से थोड़ा ज्यादा उधार लेने का टारगेट तय कर सकती है। यह टारगेट 14.4 लाख करोड़ रुपये हो सकता है। FY25 में सरकार ने कर्ज से 14 लाख करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट तय किया था।

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