वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ऐसे वक्त यूनियन बजट 2025 पेश करने जा रही है, जब जीडीपी ग्रोथ काफी घट गई है। जियोपॉलिटिकल स्थितियां ठीक नहीं हैं। कंजम्प्शन बढ़ नहीं रहा है। इसलिए सीतारमण बजट से पहले इंडस्ट्री की राय जानने की कोशिश कर रही हैं। देश के सबसे बड़े उद्योग चैंबर सीआईआई ने वित्तमंत्री को ऐसे उपायों के बारे में बताया है, जिनका ऐलान सरकार यूनियन बजट 2025 में कर सकती हैं। इससे जल्द इकोनॉमी फिर से तेज ग्रोथ के रास्ते पर लौट सकती है।
CII के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा कि सरकार को कंजम्प्शन बढ़ाने पर फोकस करना चाहिए। डोमेस्टिक कंजम्प्शन इंडिया की ग्रोथ के लिए काफी जरूरी है। लेकिन, इनफ्लेशन ने लोगों के खर्च की क्षमता को चोट पहुंचाई है। उन्होंने कहा कि सरकार आम लोगों के हाथ में ज्यादा पैसे छोड़ने का उपाय करती है तो इससे इकोनॉमी की ग्रोथ फिर से तेज हो सकती है। RBI ने दिसंबर की शुरुआत में अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में FY25 में इनफ्लेशन के अनुमान को 4.5 फीसदी से बढ़ाकर 4.8 फीसदी कर दिया।
सीआईआई ने सरकार को बजट में ये छह कदम उठाने की सलाह दी है:
1. फ्यूल पर एक्साइज ड्यूटी घटाई जाए
सीआईआई का मानना है कि फ्यूल प्राइसेज का काफी ज्यादा असर इनफ्लेशन पर पड़ता है। इसकी वजह यह है कि मिडिल क्लास परिवार के महीने के बजट का बड़ा हिस्सा पेट्रोल-डीजल पर खर्च होता है। सरकार ने मई 2022 से पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में बदलाव नहीं किया है। इस बीच, क्रूड ऑयल की ग्लोबल कीमतों में करीब 4 फीसदी गिरावट आई है। इसलिए सरकार को पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी घटानी चाहिए।
2. सालाना 20 लाख रुपये तक की इनकम को टैक्स छूट
सीआईआई का कहना है कि अभी इंडिविजु्ल टैक्सपेयर्स को 42.74 तक टैक्स चुकाना पड़ता है। उधर, कंपनियों पर लगने वाला औसत टैक्स 25 फीसदी है। ऐसे में सरकार के पास इनकम टैक्स में राहत देने की काफी गुंजाइश है। सरकार सालाना 20 लाख रुपये तक इनकम पर टैक्स के रेट घटा सकती है। इससे बड़ी संख्या में लोगों के हाथ में खर्च करने के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। इससे जीडीपी ग्रोथ बढ़ेगी।
3. MGNAREGA के तहत न्यूनत मजदूरी बढ़ाई जाई
CII का कहना है कि मनरेगा के तहत न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 357 रुपये किया जाना चाहिए। इससे सरकार पर अतिरिक्त 42,000 करोड़ रुपये का बोझ पड़ेगा। लेकिन, इससे जरूरतमंद लोगों के हाथों में ज्यादा पैसा पहुंचेगा। इससे ग्रामीण इलाकों में डिमांड बढ़ाने में मदद मिलेगी।
4. पीएम-किसान सम्मान निधि का पैसा बढ़ाया जाए
देश के सबसे बड़े उद्योग चैंबर का कहना है कि पीएम-किसान सम्मान निधि का पैसा सालाना 6,000 रुपये से बढ़ाकर 8,000 रुपये किया जाना चाहिए। जब से यह स्कीम शुरू हुई है तब से सरकार ने इसका पैसा नहीं बढ़ाया है। अगर सरकार इस स्कीम का पैसा बढ़ाती है तो इससे किसानों के हाथ में ज्यादा पैसा आएगा, इससे वे ज्यादा खर्च करेंगे।
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5. कम इनकम वाले लोगों को कंजम्प्शन वाउचर्स
सीआईआई का मानना है कि सरकार को कम इनकम वाले लोगों को कंजम्प्शन वाउचर्स देना होगा। इस पैसा का इस्तेमाल पहले से तय चीजों पर इस्तेमाल करने की इजाजत होनी चाहिए। इससे उन लोगों को अपनी जरूरत की चीजें खरीदने में मदद मिलेगी, जिन्हें पैसे की तंगी है। इससे इकोनॉमी में डिमांड बढ़ाने में मदद मिलेगी।