Budget 2025: रोजगार बढ़ाने के लिए किए जा सकते हैं उपाय, CII ने सुझाया 7-प्वाइंट एजेंडा

CII ने भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड का उपयोग करने के लिए सात प्वाइंट में अपना सुझाव दिया है। इस सेवन-प्वाइंट एजेंडे में एक इंटीग्रेटेड नेशनल एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी, लेबर-इंटेसिव सेक्टर्स को सपोर्ट और एक इंटरनेशलन मोबिलिटी अथॉरिटी की स्थापना शामिल है

अपडेटेड Jan 05, 2025 पर 7:33 PM
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Budget 2025: वित्त वर्ष 2025-26 के आगामी बजट में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अधिक उपायों की घोषणा की जा सकती है।

Budget 2025: वित्त वर्ष 2025-26 के आगामी बजट में रोजगार को बढ़ावा देने के लिए अधिक उपायों की घोषणा की जा सकती है। कन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) ने आज रविवार को यह उम्मीद जताई। 2025-26 का बजट 1 फरवरी 2025 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किया जाना है। CII ने इस बात पर जोर दिया कि युवा आबादी को उत्पादक बनाने और दुनिया के सबसे अधिक आबादी वाले देश में इनक्लुसिव ग्रोथ को बढ़ावा देने के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करना जरूरी है।

CII ने भारत के डेमोग्राफिक डिविडेंड का उपयोग करने के लिए सात प्वाइंट में अपना सुझाव दिया है। इस सेवन-प्वाइंट एजेंडे में एक इंटीग्रेटेड नेशनल एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी, लेबर-इंटेसिव सेक्टर्स को सपोर्ट और एक इंटरनेशलन मोबिलिटी अथॉरिटी की स्थापना शामिल है।

भारत एक युवा देश


भारत की औसत आयु मात्र 29 वर्ष है। भारत एक युवा देश है और 2050 तक इसकी वर्किंग-ऐज पॉपुलेशन में 13.3 करोड़ लोग जुड़ने वाले हैं। CII ने कहा कि सरकार कॉलेज-एजुकेटेव युवाओं के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी कार्यालयों में इंटर्नशिप प्रोग्राम शुरू करने पर विचार कर सकती है।

इसने तर्क दिया कि यह पहल एजुकेशन और प्रोफेशनल स्किल के बीच की खाई को पाटते हुए सरकारी ऑफिस में शॉर्ट टर्म रोजगार के अवसर पैदा करेगी। यह कई ग्रामीण प्रोग्राम और सरकारी पहलों के प्रभावी इंप्लीमेंटेशन के लिए उपलब्ध मैनपावर रिसोर्सेज को बढ़ाने में भी मदद करेगा।

इनकम टैक्स के तहत धारा 80JJAA की जगह पर एक नए प्रोविजन का सुझाव

CII ने नए रोजगार को बढ़ावा देने के लिए इनकम टैक्स के तहत धारा 80JJAA की जगह पर एक नया प्रोविजन शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा है। नया प्रोविजन ग्रॉस टोटल इनकम से चैप्टर VIA कटौती के रूप में जारी रहना चाहिए, जो टैक्सपेयर द्वारा रियायती टैक्स रिजीम का विकल्प चुनने पर भी उपलब्ध है।

इंटीग्रेटेड नेशनल एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी का सुझाव

इसने एक इंटीग्रेटेड नेशनल एम्प्लॉयमेंट पॉलिसी का प्रस्ताव किया है, जिसके तहत कई मंत्रालयों/राज्यों द्वारा वर्तमान में कार्यान्वित की जा रही एम्प्लॉयमेंट जनरेटिंग स्कीम को शामिल किया जा सकता है। CII के डायरेक्टर जनरल चंद्रजीत बनर्जी ने कहा, “रोजगार बढ़ाने के साथ-साथ भारत को यह भी सुनिश्चित करना होगा कि प्रोडक्टिविटी बढ़े। भारत के वर्किंग कैपिटल आउटपुट रेश्यो (ICOR) को इसके वर्तमान स्तर 4.1 से नीचे लाने की जरूरत है। हमें इसे मापने के लिए मानक स्थापित करने की जरूरत है। वास्तव में, केंद्रीय बजट में इस पर अधिक विस्तार से अध्ययन करने और आगे के उपायों की सिफारिश करने के लिए एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की जा सकती है।”

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