Budget 2025: ज्वैलरी पर घटने वाला है जीएसटी, अभी खरीदें या बजट तक इंतजार करें?

जीजेसी ने सरकार से गोल्ड ज्वैलरी पर जीएसटी के रेट को घटाकर 1 फीसदी करने की मांग की है। अभी जीएसटी का रेट 3 फीसदी है। इंडस्ट्री का कहना है कि अगर सरकार 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट में इसका ऐलान करती है तो इससे ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी

अपडेटेड Jan 08, 2025 पर 4:10 PM
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अगर गोल्ड ज्वैलरी पर जीएसटी में कमी की जाती है तो ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही टैक्स कंप्लायंस भी बढ़ेगा।

सरकार गोल्ड ज्वैलरी पर जीएसटी घटा सकती है। इसका ऐलान यूनियन बजट 2025 में हो सकता है। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट पेश करेंगी। जेम्स एंड ज्वैलरी इंडस्ट्री ने सरकार से ज्वैलरी पर जीएसटी घटाने की मांग की है। इंडस्ट्री का कहना है कि गोल्ड की कीमतें लगातार बढ़ रही हैं। इससे टैक्स भी बढ़ रहा है। अगर सरकार जीएसटी के रेट में कमी करती है तो इससे गोल्ड खरीदने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।

अभी लगता है 3 फीसदी जीएसटी

ऑल इंडिया जेम एंड ज्वैलरी डोमेस्टिक काउंसिल (GJC) के चेयरमैन राजेश रोकड़े ने कहा कि हमने सरकार से टैक्स रेट में बदलाव करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि सोने की कीमतें लगातार बढ़ने से जीएसटी का बोझ इंडस्ट्री और ग्राहकों दोनों पर काफी बढ़ गया है। जीजेसी ने सरकार से गोल्ड ज्वैलरी पर जीएसटी के रेट को घटाकर 1 फीसदी करने की मांग की है। अभी जीएसटी का रेट 3 फीसदी है। इंडस्ट्री का कहना है कि अगर सरकार 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट में इसका ऐलान करती है तो इससे ग्राहकों को काफी राहत मिलेगी। साथ ही टैक्स कंप्लायंस भी बढ़ेगा।


जीएसटी में कमी से गोल्ड ज्वैलरी की कीमतें कम हो जाएंगी

उन्होंने कहा कि जीएसटी के रेट में कमी से गोल्ड ज्वैलरी की खुदरा कीमतें कम हो जाएंगी। खासकर ग्रामीण इलाकों में गोल्ड ज्वैलरी की बिक्री पर इसका काफी असर पड़ेगा। कंप्लायंस बढ़ने से सरकार का रेवेन्यू भी बढ़ेगा। इंडस्ट्री ने लैब में विकसित डायमंड्स पर भी जीएसटी के रेट्स को तर्कसंगत बनाने की मांग की है। इंडस्ट्री का कहना है कि अभी नेचुरल और लैब-ग्रॉन डायमंड पर जीएसटी का रेट एक समान है। सरकार को लैब-ग्रॉन डायमंड के जीएसटी रेट को कम रखना चाहिए।

गोल्ड ज्वैलरी के लिए अलग मंत्रालय बनाने की आतंक

जीजेसी ने सरकार से ज्वैलरी सेक्टर के लिए एक अलग मंत्रालय बनाने की मांग की है। जीजेसी के वाइस चेयरपर्सन अविनाश गुप्ता ने कहा, "हमने सरकार से ज्वैलरी पर EMI की मांग की है। यह इंडस्ट्री की काफी पुरानी मांग है। साथ ही सरकार को गोल्ड मॉनेटाइजेशन स्कीम को भी अट्रैक्टिव बनाने की जरूरत है। इससे घरों में बेकार पड़े सोना का इस्तेमाल किया जा सकता है। इससे सरकार को गोल्ड का इंपोर्ट कम करना पड़ेगा।" हर साल सरकार को बड़ी मात्रा में सोने का आयात करना पड़ता है। इस पर काफी विदेशी मुद्रा (डॉलर) खर्च होती है।

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अभी गोल्ड ज्वैलरी खरीदें या इंतजार करें?

अगर आप अभी गोल्ड ज्वैलरी खरीदने जा रहे हैं तो आप बजट तक इंतजार कर सकते हैं। सरकार बजट में जीएसटी में कमी का संकेत दे सकती है। हालांकि, गोल्ड ज्वैलरी पर जीएसटी घटाने का फैसला जीएसटी काउंसिल करेगी। इसमें थोड़ा समय लग सकता है। किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी घटाने या बढ़ाने का फैसला जीएसटी काउंसिल लेती है। इसमें सभी राज्यों के वित्तमंत्री शामिल हैं। इसकी वजह यह है कि किसी प्रोडक्ट पर जीएसटी रेट में बदलाव का सीधा असर राज्यों के रेवेन्यू पर पड़ता है।

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