Budget 2025: सीतारमण के इन 4 ऐलान से घर खरीदना हो जाएगा आसान, रियल एस्टेट इंडस्ट्री को लगेंगे पंख

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को इनकम टैक्स की नई रीजीम में भी होम लोन पर टैक्स बेनेफिट देना चाहिए। अभी इनकम टैक्स की सिर्फ ओल्ड रीजीम में होम लोन पर टैक्स बेनेफिट मिलता है। डिडक्शन की लिमिट भी लंबे समय तक नहीं बढ़ाई गई है

अपडेटेड Jan 06, 2025 पर 10:08 AM
इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन मिलता है

यूनियन बजट 2025 से होम लोन बायर्स को काफी उम्मीदें हैं। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट पेश करेंगी। उम्मीद है कि वह होम लोन पर टैक्स बेनेफिट बढ़ाएंगी। लंबे समय से होम लोन के टैक्स बेनेफिट के नियमों में बदलाव नहीं किया गया है। इससे रियल एस्टेट इंडस्ट्री की ग्रोथ को भी बढ़ावा मिलेगा।

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को इनकम टैक्स की नई रीजीम (Income Tax New Regime) में भी होम लोन पर टैक्स बेनेफिट (Home Loan Tax Benefit) देना चाहिए। अभी इनकम टैक्स की सिर्फ ओल्ड रीजीम में होम लोन पर टैक्स बेनेफिट मिलता है। इनकम टैक्स एक्ट के सेक्शन 24बी (Section 24B) के तहत होम लोन के इंटरेस्ट पर डिडक्शन मिलता है। इसके अलावा सेक्शन 80सी (Section 80C) के तहत होम लोन के प्रिंसिपल पर टैक्स बेनेफिट मिलता है। दोनों लिमिट लंबे समय से नहीं बढ़ाई गई है।

टैक्स डिडक्शन की लिमिट बढ़ाई जाए

टैक्स एक्सपर्ट्स का कहना है कि घर खरीदने की कॉस्ट बहुत बढ़ गई है। खासकर कोविड के बाद घरों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं। ऐसे में होम लोन पर टैक्स डिडक्शन की लिमिट बढ़ाने की जरूरत है। अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में होम लोन पर दो सेक्शन में डिडक्शन की इजाजत है। सेक्शन 24बी के तहत एक वित्त वर्ष में होम लोन के इंटरेस्ट पर मैक्सिमम 2 लाख रुपये का इंटरेस्ट क्लेम किया जा सकता है। इसके अलावा सेक्शन 80सी के तहत होम लोन के प्रिंसिपल पर एक वित्त वर्ष में 1.5 लाख रुपये तक का डिडक्शन क्लेम किया जा सकता है।


होम पर टैक्स बेनेफिट बढ़ाई जाए

अगर सरकार होम लोन पर टैक्स बेनेफिट बढ़ाती है तो इससे आम लोगों की दिलचस्पी घर खरीदने में बढ़ेगी। एक्सपर्ट्स का कहना है कि होम लोन पर टैक्स डिडक्शन की लिमिट बढ़ाकर 5 लाख रुपये की जानी चाहिए। खासकर होम लोन के शुरुआती सालों में यह डिडक्शन मिलना चाहिए। अगर सरकार इनकम टैक्स की नई रीजीम और पुरानी रीजीम के टैक्सपेयर्स के लिए डिडक्शन बढ़ाती है तो इससे होम लोन लेने में लोगों की दिलचस्पी बढ़ेगी।

क्रेडिट-लिंक्ड सब्सिडी स्कीम की शुरुआत

होम लोन पर 31 मार्च, 2022 तक क्रेडिट लिंक्ड सब्सिडी स्कीम (CLSS) का फायदा मिलता था। इस स्कीम के तहत आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS), कम आय वर्ग (LIG) और मिडिल-इनकम ग्रुप (MIG) के लोगों को होम लोन के इंटरेस्ट पर सब्सिडी मिलती थी। एडंरोमा सेल्स एंड डिस्ट्रिब्यूशन के डायरेक्टर अरुण राममूर्ति ने कहा कि उम्मीद है कि सरकार यूनियन बजट 2025 में होम लोन के इंटरेस्ट पर इस सब्सिडी स्कीम को फिर से शुरू करेगी।

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दोबारा 80EEA की शुरुआत

सरकार इकनम टैक्स एक्ट के तहत सेक्शन 80EEA के तहत ऐसे लोगों को होम लोन पर अतिरिक्त डिडक्शन देती थी, जो पहली बार घर खरीद रहे थे। यह डिडक्शन होम लोन के 50,000 रुपये तक के इंटरेस्ट पर मिलता था। इस डिडक्शन को मार्च 2022 में खत्म कर दिया गया था। अगर सरकार फिर से इस सेक्शन के तहत मिलने वाले डिडक्शन को शुरू करती है तो इससे होम लोन खरीदने वाले लोगों को काफी फायदा होगा।

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