किसानों और गांवों में रहने वाले लोगों को यूनियन बजट 2025 से काफी उम्मीदें हैं। उनका मानना है कि वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण गांवों में लोगों की इनकम बढ़ाने के लिए बड़े ऐलान करेंगी। सरकार का फोकस रूरल इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी होगा। एग्री इकोनॉमिस्ट्स का कहना है कि अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को ग्रामीण इलाकों में सड़क, सिंचाई सुविधा और वेयरहाउसिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए ऐलान करती हैं तो इससे सप्लाई चेन मजबूत होगा। किसान अपनी फसल सही कीमत पर बेच सकेंगे। इससे उनकी आमदनी बढ़ेगी।
सरकार किसान क्रेडिट कार्ड (Kisan Credit Card ) की लिमिट बढ़ाने का ऐलान बजट में कर सकती है। पिछले कुछ सालों में कृषि में इस्तेमाल होने वाली चीजों की कीमतें काफी बढ़ी हैं। सिंचाई की लागत भी बढ़ी है। इसलिए किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट बढ़ाने से किसान खेती में ज्यादा निवेश कर सकेंगे। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ेगी। इस लिमिट को बढ़ाकर कम से कम 5 लाख रुपये करने की जरूरत है। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए सरकार किसानों को कम इंटरेस्ट रेट पर कृषि लोन की सुविधा देती है।
एग्री इनपुट्स पर एसटी घटेगा
वित्तमंत्री खेती में इस्तेमाल होने वाले बीज, कीटनाशक जैसी चीजों पर जीएसटी घटाने का ऐलान कर सकती हैं। अभी बीज और फर्टिलाइजर्स पर जीएसटी के अलग-अलग रेट्स लागू होते हैं। धान, गेहूं, मक्का, कपास, दलहन, तिलहन के बीज पर 5 फीसदी जीएसटी लगता है। टमाटर, आलू, बैंगन जैसी सब्जियों के बीज को जीएसटी से छूट हासिल है। उधर, फर्टिलाइजर्स के मामले में भी जीएसटी के रेट्स अलग-अलग हैं। ऑर्गेनिक फर्टिलाइजर्स, पशु खाद और वनस्पति खाद अगर कनटेनर में हैं और उन पर ब्रांड का नाम है तो जीएसटी का 5 फीसदी रेट लागू होता है। यूरिया, डीएपी, एमओपी जैसे फर्टिलाइजर्स पर 12 फीसदी जीएसटी लगता है। एग्री एक्सपर्ट्स का कहना है कि सरकार को कृषि में इस्तेमाल होने वाली चीजों को जीएसटी से छूट देनी चाहिए।
एग्री स्कीमों का ऐलोकेशन बढ़ेगा
सरकार को कृषि से जुड़ी स्कीमों के लिए भी आवंटन बढ़ाने की जरूरत है। FY25 के लिए सरकार ने एग्रीकल्चरल स्कीम के लिए 65,529 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। 2019-20 से एग्री बजट की कंपाउंडेड एनुअल ग्रोथ रेट 5.4 फीसदी रहा है। इसमें क्रॉप इंश्योरेंस और मोडिफायड इंटरेस्ट सबवेंशन स्कीम पर होने वाला खर्च शामिल है। अगर सरकार कृषि के लिए आवंटन बढ़ाती है तो इससे लोगों की आमदनी बढ़ेगी। इससे ग्रामीण इलाकों में डिमांड बढ़ेगी।
इन शेयरों को लग सकते हैं पंख
अगर वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण कृषि सेक्टर के लिए आवंटन बढ़ाती हैं तो इससे कृषि से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में तेजी आ सकती है। इनमें पहला नाम फर्टिलाइजर्स एंड केमिकल्स त्रावणकोर का है। इस स्टॉक का प्राइस 14 जनवरी को 885 रुपये चल रहा था। इस स्टॉक ने बीते एक साल में करीब 11 फीसदी रिटर्न दिया है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह स्टॉक जल्द 1136 रुपये तक पहुंच सकता है। कुछ एक्सपर्ट्स ने साल के अंत तक इसकी कीम 1830 रुपये तक पहुंच जाने की उम्मीद जताई है।
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Kaveri Seed के कीमतों में बजट के बाद तेजी देखने को मिल सकती है। बीते एक साल में इस स्टॉक ने 37 फीसदी रिटर्न दिया है। Chambal Fertilisers के स्टॉक में भी तेजी आ सकती है। यह शेयर बीते एक साल में 22 फीसदी चढ़ा है। कृषि क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ने का असर Rallis India पर भी दिखेगा। यह स्टॉक एक साल में करीब 12 फीसदी चढ़ा है।