केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद अलग रेलवे बजट पेश करने की परंपरा खत्म हो गई। जब रेलवे के लिए अलग से बजट पेश किया जाता था तब लोगों की काफी ज्यादा दिलचस्पी रेल बजट में होती थी। इसकी बड़ी वजह यह थी कि रेल बजट में रेल मंत्री नई सुपरफास्ट, एक्सप्रेस और पैसेंजर (छोटी दूरी की ट्रेनें) ट्रेनों का ऐलान करते थे। लोग यह जानना चाहते थे कि उनके शहर से कितनी नई ट्रेनें गुजरने वाली हैं। लेकिन, रेल बजट के यूनियन बजट का हिस्सा बन जाने के बाद यह ट्रेंड खत्म हो गया।य़ अब लोगों खासकर निवेशकों की नजरें इस बात पर लगी रहती हैं कि रेलवे के लिए सरकार ने कितना पूंजीगत खर्च का ऐलान किया है। रेलवे के लिए सरकार के पूंजीगत खर्च बढ़ाने का असर रेलवे स्टॉक्स पर दिखता है।
23 जुलाई, 2024 को नहीं हुए थे बड़े ऐलान
23 जुलाई, 2024 को पेश यूनियन बजट में वित्तमंत्री ने रेलवे के लिए बड़े ऐलान नहीं किए थे। इसका इसर रेलवे स्टॉक्स पर देखने को मिला था। रेलवे से जुड़ी कई कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखने को मिली थी। इस बार यूनियन बजट से पहले रेलवे स्टॉक्स में बड़ी गिरावट दिख रही है। 13 जनवरी को रेलवे स्टॉक्स में बड़ी गिरावट देखने को मिली। बीएसई में IRCON International का शेयर 5.48 फीसदी गिर गया। IRFC के शेयर भी 5 फीसदी से ज्यादा लुढ़क गए। IRCTC का स्टॉक 4.41 फीसदी क्रैश कर गया। बीईएमएल के स्टॉक्स 2.43 फीसदी गिरकर बंद हुए।
आवंटन बढ़ने का असर स्टॉक्स पर दिखता है
सरकार के रेलवे के लिए आवंटन बढ़ाने का असर रेलवे स्टॉक्स पर दिखता है। इसकी वजह यह है कि सरकार अगर रेलवे पर ज्यादा खर्च करती है तो इससे रेलवे से जुड़ी कंपनियों को बिजनेस मिलता है। 2018 से 2025 के बीच रेलवे के लिए पूंजीगत आवंटन छह गुना हो गया है। इसका असर रेलवे स्टॉक्स पर पड़ा है। इस दौरान कई रेलवे स्टॉक्स की कीमतों में तेजी देखने को मिली है। FY18 में सरकार ने रेलवे के लिए 43,230 करोड़ रुपये का आवंटन किया था। FY25 में रेलवे के लिए कुल आवंटन 2.65 लाख करोड़ रुपये पहुंच गया।
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क्या यह रेलवे स्टॉक्स में निवेश का समय है?
सवाल है कि क्या गिरावट के बाद रेलवे स्टॉक्स की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं? मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि इसमें कोई संदेह नहीं कि केंद्र की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार का फोकस रेलवे पर बना हुआ है। शुरुआती सालों में नरेंद्र मोदी की सरकार ने रेल इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने पर फोकस किया था। अब सरकार का फोकस यात्री सुविधाएं बढ़ाने पर है। इससे रेलवे की कमाई भी बढ़ेगी। इसलिए 1 जुलाई, 2025 को यूनियन बजट में रेलवे के लिए आवंटन बढ़ा सकती है। इससे रेलवे स्टॉक्स की कीमतों में उछाल देखने को मिल सकता है।