रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में संसदीय कार्य समिति (CCPA) ने बुधवार को संसद के आगामी बजट सत्र की महत्वपूर्ण तारीखों को मंजूरी दे दी। News18 ने सूत्रों के हवाले से बताया कि संसद के कैलेंडर के अनुसार, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, रविवार को केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करेंगी। इसके साथ ही, हाल के समय में यह पहली बार होगा कि केंद्रीय बजट रविवार को पेश किया जाएगा।
इससे पहले 28 फरवरी 1999 को वाजपेयी सरकार में वित्त मंत्री यशवंत सिन्हा ने रविवार के दिन बजट पेश किया था। उसी दिन बजट का समय भी बदला गया। एक पुरानी परंपरा तोड़ते हुए बजट सुबह 11 बजे पेश किया गया, जबकि इससे पहले शाम 5 बजे केंद्रीय बजट पेश किया जाता था।
यह दुर्लभ था, क्योंकि रविवार को संसद की बैठकें कम ही होती हैं। लेकिन राष्ट्रीय महत्व के लिए छुट्टी बदली गई। तब से 1 फरवरी की फिक्स्ड तारीख आने पर भी शनिवार को बजट पेश हो चुका है, लेकिन रविवार के दिन सिर्फ 1999 में पेश हुआ और 26 साल बाद अब 2026 को भी ऐसा ही होने जा रहा है।
रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से बताया गया कि संसद के संयुक्त सत्र में राष्ट्रपति का संबोधन 28 जनवरी को होगा, जिसके साथ ही बजट सत्र का शुभारंभ होगा। आर्थिक सर्वे 29 जनवरी को संसद में पेश किया जाएगा।
इससे पहले CNBC-TV18 की एक रिपोर्ट के अनुसार, बजट की तैयारियां पहले से ही चल रही हैं।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवां केंद्रीय बजट पेश करेंगी, जो आजादी के बाद का 88वां बजट भी होगा। 2017 से, सरकार ने केंद्रीय बजट को 28 फरवरी की पुरानी परंपरा से आगे बढ़ाकर 1 फरवरी को सुबह 11 बजे पेश करने की प्रथा का पालन किया है।
पहले भी वीकेंड में पेश हुआ आम बजट
यह बदलाव सबसे पहले पूर्व वित्त मंत्री अरुण जेटली के कार्यकाल के दौरान लागू किया गया था। इससे नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही बजट के प्रस्ताव जल्दी लागू हो सकें। पहले बजट देर से आता था, जिससे देरी होती थी। जेटली ने इसे ठीक किया ताकि काम तेज चले।
हालांकि, वीकेंड में बजट पेश करना कोई नई बात नहीं होगी। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 2025 का बजट शनिवार को पेश किया था, जबकि इससे पहले भी वित्त मंत्री अरुण जेटली ने 2015 और 2016 के केंद्रीय बजट 28 फरवरी को पेश किए थे, दोनों ही शनिवार को।
इतिहास रचेंगी निर्मला सीतारमण
सीतारामन लगातार नौ केंद्रीय बजट पेश करने वाली पहली वित्त मंत्री बनकर इतिहास भी रचेंगी, जिससे भारत के सबसे लंबे समय तक सेवा करने वाले वित्त मंत्रियों में उनकी स्थिति और मजबूत होगी।
इससे वह पूर्व प्रधानमंत्री मोरारजी देसाई के रिकॉर्ड के करीब पहुंच जाएंगी, जिन्होंने दो कार्यकालों में कुल 10 बजट पेश किए थे - 1959 से 1964 के बीच छह और 1967 से 1969 के बीच चार।