केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी, रविवार को अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बार उन्होंने अपना बजट भाषण 1 घंटे 24 मिनट में खत्म किया। कभी 2 घंटे से ज्यादा की मैराथन स्पीच, तो कभी महज 56 मिनट की क्रिस्प प्रेजेंटेशन। सीतारमण की बजट स्पीच अक्सर 1 से 1.5 घंटे की रहती है। चलिए इस से पहले हम उनके सभी भाषणों की डिटेल्स, तारीखें और ड्यूरेशन देखते हैं, साथ में भारत के इतिहास के सबसे लंबे-छोटे स्पीच को मिलाकर।
निर्मला सीतारमण 2019 से देश की वित्त मंत्री हैं और उन्होंने अब तक 8 बजट स्पीच दिए हैं। हर भाषण की लंबाई अलग रही- कभी महामारी के बीच डिटेल्ड प्लानिंग की वजह से लंबी, तो कभी इलेक्शन ईयर में शॉर्ट। यहां उनकी स्पीच की पूरी टाइमलाइन है।
कब-कब कितना लंबा रहा निर्मला सीतारमण का बजट भाषण
बजट स्पीच में सरकार की पॉलिसी, टैक्स चेंजेस और सेक्टर-वाइज आवंटन डिटेल में बताने पड़ते हैं। लंबी स्पीच में ज्यादा डेटा, शॉर्ट में सिर्फ हाइलाइट्स होतीहैं। सीतारमण के बजट भाषण की एवरेज ड्यूरेशन 1 घंटा 40 मिनट रही, जो इतिहास के मानकों से बैलेंस्ड है।
अब इतिहास के सबसे लंबे स्पीच पर नजर डालें। सीतारमण का 2020 वाला तो रिकॉर्ड है ही, लेकिन इससे पहले:
ऐसा अंतरिम बजट में ज्यादा होता है, जहां भाषणों में डिटेल कम ही रहती है। आइए डालते हैं एक नजर:
इतिहास बताता है कि बजट भाषण कितना लंबा है, इससे ज्यादा उसका कंटेंट मायने रखता है। 1991 की मनमोहन सिंह की स्पीच ने इकोनॉमी खोली, जबकि 2020 की सीतारमण स्पीच ने Covid-19 से पहले की तैयारी दिखाई। ट्रेंड्स में अब स्पीच छोटी हो रही हैं – डिजिटल एरा में लोग सिर्फ हाइलाइट्स चाहते हैं।
इस बार की बजट स्पीच में क्या?
इस बार बजट में टैक्स राहत, इंफ्रा बूस्ट और जॉब क्रिएशन की उम्मीद है। अगर अगर भाषण 1.5 घंटे का हुआ, तो डिटेल्ड प्लान; शॉर्ट हुई तो हाइलाइट्स। आप भी बजट स्पीच लाइव देखें – Moneycontrol Hindi के Youtube चैनल और वेबसाइट पर, सुबह 11 बजे से।