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Budget expectations: पिछले 2 साल से मंदी के दौर से गुजर रही है डायमंड इंडस्ट्री, बजट से है बड़ी आस

Budget 2025 : डायमंड इंडस्ट्री का सालाना टर्नओवर 3 लाख करोड़ के आस-पास है और ये 40 लाख लोगों के रोजगार का भी जरिया है। लेकिन इस साल हजारों कारखाने मंदी के चलते बंद हो गए है। अब यहां काम करने वाले बजट से उम्मीद लगाए बैठे हैं

MoneyControl Newsअपडेटेड Jan 08, 2025 पर 8:08 PM
Budget expectations: पिछले 2 साल से मंदी के दौर से गुजर रही है डायमंड इंडस्ट्री, बजट से है बड़ी आस
रूस-यूक्रेन युद्ध ने ग्लोबल डायमंड सप्लाई चेन को भी प्रभावित किया है। रूस एक बड़ा कच्चा हीरा उत्पादक है। उस पर प्रतिबंधों ने डायमंड व्यापार को और जटिल बना दिया है

Budget : लाखों लोगों को रोजगार और सरकार को करोड़ों का राजस्व देने वाली डायमंड इंडस्ट्री बुरे दौर से गुजर रही है। बजट में वित्त मंत्री से इस इंडस्ट्री को काफी उम्मीद है। कम निवेश में अधिक रोजगार देने वाले सेक्टर में डायमंड इंडस्ट्री का भी नाम है। हालांकि दुनिया में युद्ध के माहौल के चलते पिछले दो साल से इंडस्ट्री काफी मुश्किल दौर से गुजर रही है। बैंक डायमंड का काम करने वालों को आसानी से लोन नहीं देते,मशीनरी पर कोई सब्सिडी नहीं है,स्टार्टअप में इनकी गिनती नहीं हो रही है साथ ही इंडस्ट्री मुद्रा लोन से भी वंचित है। इसलिए अब इंडस्ट्री को बजट से ही उम्मीदें है। सरदार डायमंड एसोसिएशन के सदस्य जीतू भाई मोरडिया का कहना है कि अगर मेक इन इंडिया का सपना पूरा करना है तो इस सेक्टर को मदद करनी होगी।

डायमंड इंडस्ट्री का सालाना टर्नओवर 3 लाख करोड़ के आस-पास है और ये 40 लाख लोगों के रोजगार का भी जरिया है। लेकिन इस साल हजारों कारखाने मंदी के चलते बंद हो गए है। अब यहां काम करने वाले बजट से उम्मीद लगाए बैठे हैं। एक डायमंड कारीगर रणजीत का कहना है कि डायमंड कारीगरों को अलग से बीमा और आवास योजना में शामिल किया जाए। सालों से सरकार से ज्यादा मदद नहीं मिली है।

ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) ने अपनी रिपोर्ट में बताया कि भारत का हीरा डाइमंड सेक्ट गंभीर संकट का सामना कर रहा है। पिछले तीन सालों में इसके आयात व निर्यात दोनों में ही भारी गिरावट आई है। इससे लोन के भुगतान में चूक होने से कंपनियां धड़ाधड़ी डिफॉल्‍ट हो रही हैं। कारखाने बंद होने और बड़े पैमाने पर नौकरियां जाने की स्थिति उत्पन्न हो गई है।

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