देश का आम बजट रविवार यानी एक फरवरी को पेश किया गया। वहीं इस बार लोगों की सबसे ज्यादा नजर डिफेंस बजट पर रही। बता दें कि वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ऑपरेशन सिंदूर के बाद ये पहला बजट पेश किया और भारत के डिफेंस सेक्टर को लेकर कई बड़े ऐलान किए। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पेश किए गए इस बजट में डिफेंस सेक्टर को 7.85 लाख करोड़ रुपये का रिकॉर्ड बजट दिया गया है।
यह रकम अगले वित्त वर्ष में देश की अनुमानित GDP का करीब 2 प्रतिशत है। वहीं, पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के बजट के मुकाबले इसमें लगभग 15.19 प्रतिशत की बढ़ोतरी की गई है। कुल मिलाकर, रक्षा बजट अब केंद्र सरकार के कुल खर्च का 14.67 प्रतिशत हिस्सा बन गया है। ये भारत सरकार के सभी सभी मंत्रालयों में सबसे ज़्यादा है।
कैपिटल खर्च के लिए रखे गए 2 लाख करोड़
भारतीय सेना के आधुनिक बनाने और उनकी जरूरतें पूरी करने के साथ-साथ, बढ़ा हुआ डिफेंस बजट उन खर्चों को भी पूरा करेगा, जो ऑपरेशन सिंदूर के बाद हथियारों की खरीद के लिए जरूरी है। ये खरीदारी कैपिटल और राजस्व रेवेन्यू दोनों मदों में की गई है। रक्षा बजट का एक बड़ा हिस्सा, यानी 2.19 लाख करोड़ रुपये, कैपिटल खर्च के लिए रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में यह राशि 1.80 लाख करोड़ रुपये थी। इससे साफ है कि सरकार ने इस बार पूंजीगत खर्च में अच्छी बढ़ोतरी की है। इस बढ़े हुए बजट के ज़रिये सरकार ने आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य पर अपना भरोसा फिर से जताया है।
अलग-अलग हिस्सों के तय हुआ बजट
रक्षा मंत्रालय (MoD) को मिले कुल बजट में अलग-अलग ज़रूरतों के लिए हिस्से तय किए गए हैं। इसमें 27.95 प्रतिशत राशि हथियारों और उपकरणों की खरीद जैसे कैपिटल खर्च के लिए रखी गई है। वहीं, 20.17 प्रतिशत पैसा रखरखाव और ऑपरेशनल तैयारी पर खर्च होगा। इसके अलावा, 26.40 प्रतिशत बजट वेतन और भत्तों के लिए, 21.84 प्रतिशत डिफेंस पेंशन के लिए और 3.64 प्रतिशत नागरिक संगठनों के लिए तय किया गया है।
DRDO के बजट में भी बढ़ोत्तरी
रक्षा बजट में रेवेन्यू खर्च के लिए कुल 3.65 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा गया है, जो पिछले बार के मुकाबले से करीब 17.24 प्रतिशत ज्यादा है। इसमें से लगभग 1.58 लाख करोड़ रुपये ऑपरेशन और रखरखाव से जुड़े खर्चों के लिए रखे गए हैं, जबकि बाकी सैलरी और भत्तों पर खर्च होगी। इस बढ़े हुए बजट से ज़रूरी सैन्य सामान, स्पेयर पार्ट्स और अन्य जरूरी चीज़ों की खरीद आसान होगी। इसके साथ ही डिफेंस रिसर्च एंड डेवलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (DRDO) के बजट में भी बढ़ोतरी की गई है। इसका बजट 2025-26 में 26,816.82 करोड़ रुपये था, जिसे 2026-27 में बढ़ाकर 29,100.25 करोड़ रुपये कर दिया गया है। इस राशि में से 17,250.25 करोड़ रुपये कैपिटल खर्च के लिए रखे गए हैं।