Edible Oil Sector Budget Expectations: पिछला साल सोयाबीन के लिए कुछ अच्छा नहीं रहा। दाम लगातार MSP के नीचे ही बने रहे। ऐसे में नया साल सोयाबीन के लिए कैसा रहेगा और बजट से सोयाबीन इंडस्ट्री की क्या हैं उम्मीदें है। इस पर सीएनबीसी-आवाज से बात करते हुए SOPA के Executive Director डी एन पाठक ने कहा कि सोयाबीन के दाम अभी MSP से नीचे बने हुए है। मांग और सप्लाई के वजह से कीमतों पर असर देखने को मिल रहा है। NAFED, NCF ने 15-16 लाख टन सोयाबीन खरीदा है। मील एक्सपोर्ट करना जरुरी है।
डी एन पाठक ने आगे कहा कि सोयाबीन मील के एक्सपोर्ट पर सरकार को ध्यान देने की जरूरत है। देश में सोयाबीन के दाम बढ़ने की उम्मीद है। सोयाबीन मीले एक्सपोर्ट में सरकार से मदद की मांग है। उन्होंने आगे कहा कि कोस्ट करेक्शन करने की जरुरत है।
सरकार के पोर्टल से सीड में काफी फायदा होगा। उन्होंने आगे कहा कि सरकार की नीतियों में करेक्ट डेटा की कमी है। एग्री सेक्टर में एलोकेशन काफी ज्यादा है।
उन्होंने आगे कहा कि सीड, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर टू फार्मर में समस्या है। ग्लोबल ट्रेंड की जानकारी होना चाहिए। सरकार को एनालिसिस कराने की जरूरत है। सरकार की पॉलिसी में कंसिस्टेंसी की जरूरत है। एग्रीकल्चर में सब्सिडी ज्यादा है, बड़े किसानों को ज्यादा फायदा होता है। वहीं छोटे, मझौले को सरकार की पॉलिसी का फायदा नहीं मिल रहा है।
बजट यूरोप में नॉन GM सोयामील को बढ़ावा देने में मदद करे।खेती के लिए किसानों के अच्छी गुणवत्ता वाले बीज मिलें। लॉजिस्टिक्स कॉस्ट कम करने पर काम किया जाए। खाने के तेल की बड़ी मात्रा में इंपोर्ट पर रोक लगे। 2025 को बतौर 'सोबायीन ईयर'बनाना के ऐलान हो।