बजट 2026 में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने खासतौर पर युवाओं के कौशल विकास और रोजगार सृजन पर ध्यान केंद्रित किया है। शिक्षा, पर्यटन, क्रिएटिव और डिज़ाइन सेक्टर में नई योजनाओं की घोषणा की गई है। IIMs के सहयोग से 12 सप्ताह का प्रशिक्षण प्रोग्राम शुरू होगा, जिसमें 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को आधुनिक स्किल्स सिखाई जाएंगी। 15,000 स्कूलों में कंटेंट लैब बनाई जाएगी और छात्रों को डिजिटल, क्रिएटिव और तकनीकी ट्रेनिंग दी जाएगी। आयुर्वेद और हेल्थ सेक्टर में नए संस्थान खुलेंगे और 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग मिलेगी। डिज़ाइन और इनोवेशन के क्षेत्र में भी युवाओं को रोजगार और अवसर दिए जाएंगे।
पर्यटन और स्किल डेवलपमेंट
बजट में ये भी कहा गया कि IIMs के सहयोग से 12 सप्ताह का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शुरू किया जाएगा। इस योजना के तहत 10,000 टूरिस्ट गाइड्स को आधुनिक कौशल की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसका उद्देश्य पर्यटन क्षेत्र में रोजगार बढ़ाना और युवाओं को नई स्किल्स से लैस करना है।
शिक्षा और क्रिएटिव सेक्टर को बढ़ावा
बजट में मुंबई स्थित इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ क्रिएटिव टेक्नोलॉजीज को सहायता देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा 15,000 माध्यमिक स्कूलों में कंटेंट लैब स्थापित की जाएगी, जिससे छात्रों को डिजिटल और क्रिएटिव स्किल्स सीखने का अवसर मिलेगा। हर जिले में छात्राओं के लिए हॉस्टल भी बनाए जाएंगे, ताकि उन्हें शिक्षा के बेहतर अवसर मिल सकें।
आयुर्वेद और हेल्थ सेक्टर में विस्तार
बजट में 7 नए आयुर्वेद संस्थान स्थापित करने की योजना है, जिनमें से 3 ऑल इंडिया आयुर्वेद इंस्टीट्यूट होंगे। इसके साथ ही वेलनेस और योग सेवाओं के लिए 1.5 लाख केयरगिवर्स को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अलावा, 10 नए एलाइड हेल्थ डिसिप्लिन शुरू किए जाएंगे और अगले 5 वर्षों में 1 लाख हेल्थ प्रोफेशनल्स को ट्रेनिंग देने का लक्ष्य रखा गया है।
रोजगार सृजन के लिए नई पहल
बजट में सर्विस सेक्टर में रोजगार बढ़ाने के लिए नई कमेटी बनाने की घोषणा की गई। इसके तहत निजी और सरकारी क्षेत्र में नए रोजगार अवसर पैदा किए जाएंगे। युवाओं के लिए स्किल-बेस्ड जॉब्स को बढ़ावा मिलेगा और उन्हें डिजाइन, इनोवेशन और तकनीकी क्षेत्रों में काम करने का अवसर मिलेगा।
पूर्वी भारत में एक नया डिजाइन संस्थान स्थापित करने का प्रस्ताव है। इसका उद्देश्य युवाओं को डिजाइन और इनोवेशन से जोड़ना और उन्हें नए उद्योगों के लिए तैयार करना है। यह कदम युवा पेशेवरों की रचनात्मक क्षमता बढ़ाने और रोजगार सृजन में मदद करेगा।