India Budget Vs Pakistan Budget : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, एक फरवरी को देश का आम बजट 2025 लोकसभा में पेश करेंगी। वहीं बजट से पहले 31 जनवरी को संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण के साथ बजट सत्र की शुरुआत हुई और देश का इकोनॉमी सर्वे को पेश किया गया। इस बजट से आम लोगों को काफी उम्मीदें हैं, खासकर इनकम टैक्स को लेकर। भारत की बजट की चर्चा देश में ही नहीं बल्कि देश के बाहर भी होती हैं, पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में भी भारत के बजट को लेकर खबरे चलती हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में कब बजट पेश होता है और भारत के मुकाबले ये कितना बड़ा या छोटा होता है। आइए जानते हैं भारत और पाकिस्तान के बजट साइज के बारे में...
भारत से कितना अलग है पाकिस्तान का बजट
अपने पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान के लेटेस्ट बजट की बात करें तो पिछले साल उनका बजट 28 जून को पेश हुआ था। पाकिस्तान में बजट की तारीख की बात करें, तो इसे जून महीने की शुरुआत में पेश किया जाता है। हालांकि, वहां पर भारत की तरह बजट के लिए कोई खास तारिख तय नहीं की गई है। भारत का बजट हर साल एक फरवरी को आता है तो वहीं पाकिस्तान का बजट जून में आता है और उनका फाइनेंशियल ईयर 1 जुलाई से शुरु होता है। पाकिस्तानी मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद वहां का फाइनेंस मिनिस्टर, नेशनल असेंबली में बजट को पेश करते हैं। पाकिस्तान में असेंबली स्पीकर ही बजट सत्र के दौरान इसे पेश करने का दिन तय करता है।
वहीं पाकिस्तान के पिछले बजट की बात करें तो फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में उनका बजट 18,877 अरब पाकिस्तान रुपए यानी 5.65 लाख करोड़ भारतीय रुपए का था। बजट दस्तावेजों के अनुसार, ग्रॉस रेवेन्यू 17,815 अरब रुपये होने का अनुमान था। इसमें 12,970 अरब रुपये टैक्स रेवेन्यू और 4,845 अरब रुपये बाकी नॉन टैक्स रेवेन्यू शामिल था। वहीं पाकिस्तान में अगले फाइनेंशियल ईयर के लिए वृद्धि लक्ष्य 3.6 प्रतिशत निर्धारित किया गया था। वहीं भारत के बजट से पाकिस्तान के लेटेस्ट बजट की तुलना करें तो पड़ोसी मुल्क का बजट भारत के मुकाबले 8 गुना छोटा है।
बीते फाइनेंशियल ईयर 2024-25 में भारत का बजट 47,65,768 करोड़ रुपये का था, जबकि पिछले साल का पाकिस्तान का बजट से 8 गुना बड़ा है। भारतीय करेंसी के आधार पर देखें, तो पाकिस्तान का बजट पिछले साल 5.65 लाख करोड़ रुपये का है, यानी ये भारत के बजट साइज से तकरीबन 8 गुना छोटा है। बता दें कि पिछले साल पेश हुए अंतरिम बजट में भारत ने अपने कैपेटिल एक्सपेंडिचर की हिस्सेदारी 11.11 लाख करोड़ रुपए था। जोकि पाकिस्तान के कुल बजट के मुकाबले करीब दोगुना है।