Budget date 2025: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण अपनी तीन दिवसीय यात्रा के दौरान शुक्रवार (20 दिसंबर) को राजस्थान के जैसलमेर पहुंचेंगी। निर्मला सीतारमण 2025-26 के केंद्रीय बजट पेश करने से पहले शुक्रवार को जैसलमेर में राज्य के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट चर्चा में भाग लेंगी। यह बैठक शुक्रवार शाम चार बजे होगी। सूत्रों ने कहा कि हाल के राज्य चुनावों के राजनीतिक परिणामों के कारण इस वर्ष बजट चर्चा विशेष रूप से जरूरी है। इस बैठक में केंद्रीय बजट से जुड़े मुद्दों पर विचार-विमर्श किया जाएगा।
इसके बाद शनिवार 21 दिसंबर को जैसलमेर में ही पहली बार GST काउंसिल की 55वीं बैठक होगी। इस मीटिंग की अध्यक्षता वित्त मंत्री करेंगी। सीतारमण के 2024-25 (वित्त वर्ष 25) के बजट में सरकार ने आंध्र प्रदेश और बिहार के लिए एक वित्तीय पैकेज दिया था। इससे सरकारी खजाने पर लगभग 20,000-30,000 करोड़ रुपये का खर्च आने की उम्मीद है। जहां आंध्र प्रदेश को 15,000-20,000 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। वहीं, बिहार को वित्त वर्ष 25 में 5,000-10,000 करोड़ रुपये मिलने की संभावना है।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, वित्त मंत्री सीतारमण शुक्रवार को दोपहर बाद दिल्ली से रवाना होकर जैसलमेर पहुंचेगी। यहां पर वे होटल मेरियट में शाम चार बजे से साढे सात बजे तक राज्यों के वित्त मंत्रियों के साथ प्री-बजट बैठक में हिस्सा लेगी। इसके बाद निर्मला सीतारमण जैसलमेर में ही शुक्रवार रात को रूकेंगी।
GST काउंसिल की भी होगी बैठक
55वीं जीएसटी परिषद की बैठक 21 दिसंबर को होने वाली है। वित्त मंत्री शनिवार 21 दिसंबर को सुबह 11 बजे से होटल मेरियट में 55वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में भाग लेगी। जैसलमेर में होने वाली जीएसटी परिषद की बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय वित्त मंत्री करेंगी। इसमें विभिन्न राज्यों के वित्त मंत्री और उच्च स्तरीय सरकारी अधिकारी शामिल होंगे। इस मीटिंग में 300 से अधिक हाई-प्रोफाइल लोगों के आने की उम्मीद है। उम्मीद है कि इस आयोजन से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। बैठक में परिषद स्वास्थ्य बीमा प्रीमियम, पैकेज्ड पानी, साइकिल, नोटबुक और कलाई घड़ी जैसी वस्तुओं पर टैक्स दरों को युक्तिसंगत बनाने पर चर्चा कर सकती है।
बैठक के महत्व को रेखांकित करते हुए PHDCCI-राजस्थान के उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह राठौर ने कहा, "पर्यटन को निश्चित रूप से बढ़ावा मिलेगा। हालांकि यह छोटा है, लेकिन हमें लगता है कि जैसलमेर में इतने सारे लोगों की मेजबानी का महत्व पर्यटन से कहीं अधिक होगा।" राठौर ने कहा कि एक अनूठा पर्यटन स्थल और पाकिस्तान के साथ सीमा साझा करने वाला क्षेत्र होने के बावजूद जैसलमेर को अपने बुनियादी ढांचे में सुधार के लिए पर्याप्त ध्यान नहीं मिला है।
राठौर ने कहा, "वे जिले में बुनियादी ढांचे को प्रत्यक्ष रूप से देख सकेंगे। उन्हें कई ऐसे क्षेत्र भी मिलेंगे जो ध्यान दिए जाने की मांग कर रहे हैं। जब वे देश में इस तरह के स्थानों को बेहतर बनाने के बारे में सोचेंगे तो निश्चित रूप से जैसलमेर उनके दिमाग में आएगा।"