Union Budget 2025: निर्मला सीतारमण 1 फरवरी को इनकम टैक्स कितना घटा सकती हैं?

मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ घटाने से इकोनॉमी की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 10 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर सबसे ज्यादा 30 फीसदी टैक्स का स्लैब लागू होता है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में सालाना 15 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर सबसे ज्यादा 30 फीसदी टैक्स का स्लैब लागू होता है

अपडेटेड Dec 27, 2024 पर 11:22 AM
एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट में सरकार इनकम टैक्स में कमी का ऐलान कर सकती है।

यूनियन बजट 2025 में टैक्सपेयर्स को बड़ी खुशखबरी मिल सकती है। सरकार सालाना 15 लाख रुपये तक की इनकम वाले लोगों के लिए टैक्स घटाने जा रही है। इसका ऐलान यूनियन बजट 2025 में होगा। वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट पेश करेंगी। न्यूज एजेंसी रायटर्स ने सूत्रों के हवाले खबर दी है कि सरकार मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ घटाने जा रही है। दरअसल, 24 दिसंबर को प्रधामंत्री नरेंद्र मोदी की इकोनॉमिस्ट्स के साथ मीटिंग हुई थी। इसमें वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण सहित नीति आयोग के वाइस-चेयरमैन सुमन बेरी भी मौजूद थे। अर्थशास्त्रियों ने प्रधानमंत्री मोदी को मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ कम करने की सलाह दी थी।

टैक्स घटने से टैक्सपेयर्स के हाथ में ज्यादा पैसे बचेंगे

अर्थशास्त्रियों का मानना है कि लोगों पर टैक्स का बोझ घटाने से उनके हाथ में खर्च और सेविंग्स के लिए ज्यादा पैसे बचेंगे। इस पैसा का इस्तेमाल वे चीजें खरीदने के लिए करेंगे। इससे कंजम्प्शन बढ़ेगा। कंजम्प्शन बढ़ने से इकोनॉमिक ग्रोथ की रफ्तार तेज होगी। इस बैठक में निर्मला सीतारमण (Nirmala Sitharaman) के अलावा नीति आयोग (Niti Ayog) के वाइस चेयरमैन सुमन बेरी, सीईओ बीवीआर सुब्रमण्यम और पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) और फाइनेंस मिनिस्ट्री के सीनियर अफसर शामिल थे। मीटिंग में कई बड़े इकोनॉमिस्ट्स शामिल थे। इनमें डीके जोशी, मदन सबनवीस, रिद्धम देसाई, चेतन घाटे, सुरजीत एस भल्ला, अशोक गुलाटी, सौम्या कांति घोष सहित कई दिग्गज अर्थशास्त्री शामिल थे।


दूसरी तिमाही में इकोनॉमिक ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई

इस वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में इंडिया की इकोनॉमिक ग्रोथ घटकर 5.4 फीसदी पर आ गई। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इंडिया को 2047 तक विकसित देश बनना है तो 7-8 फीसदी की इकोनॉमिक ग्रोथ जरूरी है। मिडिल क्लास पर टैक्स का बोझ घटाने से इकोनॉमी की ग्रोथ को बढ़ावा मिलेगा। अभी इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 10 लाख रुपये से ज्यादा की इनकम पर सबसे ज्यादा 30 फीसदी टैक्स का स्लैब लागू होता है। इनकम टैक्स की नई रीजीम में सालाना 15 लाख रुपये की इनकम पर सबसे ज्यादा 30 फीसदी टैक्स का स्लैब लागू होता है।

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टैक्सपेयर्स को टैक्स में इतनी मिल सकती है राहत

एक्सपर्ट्स का कहना है कि 1 फरवरी, 2025 को यूनियन बजट में सरकार इनकम टैक्स में कमी का ऐलान कर सकती है। ज्यादा इनकम वाले लोगों को टैक्स में ज्यादा राहत मिल सकती है। कम इनकम वाले लोगों के टैक्स में कम कमी की जा सकती है। इनकम टैक्स की ओल्ड रीजीम में 5 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स जीरो है, जबकि नई रीजीम में सालाना 7 लाख रुपये तक की इनकम पर टैक्स चुकाने की जरूरत नहीं है। ऐसे में यह माना जा रहा है कि सरकार सालाना 7.5 लाख रुपये और इससे ज्यादा इनकम वाले टैक्सपेयर्स को टैक्स से राहत दे सकती है।

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