Union Budget 2026: केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण आज 1 फरवरी को अपना लगातार नौवां बजट पेश किया। इस बजट में टूरिज्म सेक्टर को भी काफी कुछ मिला है। निर्मला सीतारमण ने रविवार को बजट 2026 पेश करते हुए विरासत और संस्कृति को बढ़ावा देने से जुड़ी एक अहम घोषणा की है। वित्त मंत्री सीतारमण ने रविवार को कहा कि टूरिज्म सेक्टर में बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा करने की क्षमता है और ये विदेशी मुद्रा कमाने में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
संसद में यूनियन बजट 2026-27 पेश करते हुए सीतारमण ने कहा, “मैं मौजूदा नेशनल काउंसिल फॉर होटल मैनेजमेंट एंड केटरिंग टेक्नोलॉजी को अपग्रेड कर एक नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हॉस्पिटैलिटी बनाने का प्रस्ताव रखती हूं। यह संस्थान शिक्षा जगत, उद्योग और सरकार के बीच एक सेतु के रूप में काम करेगा।”
इन जगहों पर शुरू होगी योजना
सीतारमण ने देशभर के पर्यटन हब में गाइडों को ट्रेनिंग देने के लिए एक पायलट योजना शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा। भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) की मदद से 10 हजार प्रोफेशनल टूरिस्ट गाइड तैयार किए जाएंगे। वित्त मंत्री ने कहा, “भारत में विश्वस्तरीय ट्रेकिंग और हाइकिंग अनुभव देने की बड़ी क्षमता है। इसके लिए हम हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में पर्यावरण के अनुकूल माउंटेन ट्रेल्स विकसित करेंगे। इसके साथ ही ईस्टर्न घाट में अराकू वैली और वेस्टर्न घाट में पोथिगई मलाई में भी ऐसे ट्रेल्स बनाए जाएंगे।”
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर दिया जाएगा ध्यान
उन्होंने आगे कहा कि इसके अलावा उड़ीसा, कर्नाटक और केरल में प्रमुख नेस्टिंग साइट्स को जोड़ते हुए टर्टल ट्रेल्स भी विकसित किए जाएंगे। 15 पुरातात्विक स्थलों को जीवंत और अनुभव आधारित सांस्कृतिक पर्यटन स्थलों के रूप में विकसित किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा, “खुदाई की गई जगहों को क्यूरेटेड वॉकवे के जरिए आम लोगों के लिए खोला जाएगा।” बजट में धार्मिक और आध्यात्मिक पर्यटन पर खास ध्यान दिया गया है, खासतौर पर भगवान बुद्ध से जुड़े स्थलों के विकास पर, ताकि देश और विदेश से अधिक संख्या में पर्यटकों को आकर्षित किया जा सके।
भारत खास शहरों के बीच सात हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर डेवलप करेगा। ये कॉरिडोर एनवायरनमेंट के हिसाब से सस्टेनेबल पैसेंजर सिस्टम को बढ़ावा देने के लिए 'ग्रोथ कनेक्टर' के तौर पर काम करेंगे। सीतारमण ने कहा कि ये हाई-स्पीड कॉरिडोर मुंबई और पुणे, हैदराबाद और पुणे, हैदराबाद और बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई, चेन्नई और बेंगलुरु, दिल्ली और वाराणसी, और वाराणसी और सिलीगुड़ी को जोड़ेंगे।
सरकार राज्यों के साथ मिलकर पूरे देश में 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों को विकसित करने की योजना बना रही है, जहां बेहतर सड़क और परिवहन कनेक्टिविटी, आधुनिक होटल और जरूरी सुविधाएं तैयार की जाएंगी। निवेश को बढ़ावा देने के लिए होटलों को इंफ्रास्ट्रक्चर का दर्जा देने का भी प्रस्ताव है।