मानसून की रफ्तार जून में अब तक सुस्त रही है। इस बार मानसून की बारिश सामान्य से 10 फीसदी कम रह सकती है। यह कृषि उत्पादन के लिए खराब खबर है। इसका असर ग्रामीण इलाकों में डिमांड के साथ ही फूड इनफ्लेशन पर पड़ सकता है। लेकिन, एनालिस्ट्स का कहना है कि सिंचाई की सुविधा, जलाशयों में पर्याप्त जल-स्तर और गेहूं एवं चावल जैसे खाद्यान्न के पर्याप्त स्टॉक से मानसून की कम बारिश का इकोनॉमी पर सीमित असर पड़ेगा।
