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6.4% नहीं, 7% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था; IMF का इस कारण बदला मूड

Indian Economy Outlook: जून 2026 तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% की रफ्तार से बढ़ी। इसका असर अब आगे के अनुमानों पर दिखने लगा है। RBI ने वित्त वर्ष 2027 के ग्रोथ अनुमान को 6.7% से बढ़ाकर 7.1% कर दिया। अब IMF ने भी अपना अनुमान 6.4% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। आईएमएफ का कहना है कि भारत तेजी से बढ़ती इकनॉमीज में बना हुआ है और आगे भी बना रहेगा। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Oct 13, 2026 पर 9:27 AM
6.4% नहीं, 7% की रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था; IMF का इस कारण बदला मूड
Indian Economy Outlook: RBI के बाद अब IMF ने भारतीय अर्थव्यवस्था के पहले की उम्मीद से तेज रफ्तार से बढ़ने का अनुमान लगाया है।

Indian Economy News: भारतीय इकॉनमी की रफ्तार पहले की उम्मीद से अधिक रहने वाली है। ऐसा IMF (इंटरनेशनल मॉनीटरी फंड) का मानना है। आईएमएफ ने अपनी अक्टूबर की वर्ल्ड इकनॉमिक आउटलुक में अनुमान लगाया है कि इस वित्त वर्ष 2027 में भारतीय अर्थव्यवस्था 6.4% की बजाय 7% की रफ्तार से बढ़ेगी। आईएमएफ का कहना है कि मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी से इसे वैश्विक स्तर पर आर्थिक उथल-पुथल से संभलने में मदद मिली। आईएमएफ में कच्चे तेल के भाव में उछाल और जियो-पॉलिटिकल टेंशन के बावजूद जुलाई में लगाए गए अपने अनुमान में अब बढ़ोतरी की है। सिर्फ यही नहीं, आईएमएफ ने वित्त वर्ष 2028 की ग्रोथ के अनुमान को 6.7% से बढ़ाकर 7% कर दिया है। जून 2026 तिमाही की शानदार आर्थिक रफ्तार के बाद वैश्विक एजेंसियां भारतीय इकॉनमी के अपने आउटलुक को अपग्रेड कर रही हैं।

घरेलू मांग से तेज हो रही रफ्तार

आईएमएफ का कहना है कि महंगे तेल के बावजूद मजबूत घरेलू मांग और सर्विसेज एक्टिविटी ने आर्थिक रफ्तार को सहारा दिया। वित्त वर्ष 2026 में भारतीय अर्थव्यवस्था 7.8% की रफ्तार से बढ़ी और अब WEO में वित्त वर्ष 2027 और वित्त वर्ष 2028 में इसके 7% रहने का अनुमान लगाया गया है। वित्त वर्ष 2026 के मुकाबले रफ्तार सुस्त होती दिख रही है लेकिन पहले के अनुमान के मुकाबले यह अधिक है और खास वजह से है।

आईएमएफ का कहना है कि अलग-अलग देशों में ग्रोथ की संभावनाएं अलग-अलग हो सकती हैं, जो इस बार पर निर्भत करती है कि वे हाई एनर्जी प्राइसेज से कितना प्रभावित हैं और बढ़ती ग्लोबल टेक्नोलॉजी में उनकी कितनी हिस्सेदारी है। इसके अलावा भारतीय अर्थव्यवस्था को फेवरेबल डेमोग्राफिक डाइनेमिक्स, बड़े और बढ़ते घरेलू बाजार, और लगातार हो रहे स्ट्रक्चरल रिफॉर्म्स से मीडियम-टर्म ग्रोथ को सपोर्ट मिल रहा है

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