Get App

India GDP News: 2026 में कम रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय इकॉनमी! लोन की किश्त महंगी होने का बढ़ा डर

India GDP News: अमेरिका और ईरान के बीच चल रही लड़ाई का अब भारतीय इकॉनमी पर बड़ा असर पड़ने की आशंका बनी है और इसके चलते आम लोगों की जेब पर भी भारी असर पड़ सकता है। गोल्डमैन का मानना है कि भारतीय इकॉनमी इस साल 2026 में 6% से भी सुस्त रफ्तार से बढ़ेगी तो रेपो रेट में भी बढ़ोतरी हो सकती है। डिटेल्स में पढ़ें

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Mar 24, 2026 पर 1:12 PM
India GDP News: 2026 में कम रफ्तार से बढ़ेगी भारतीय इकॉनमी! लोन की किश्त महंगी होने का बढ़ा डर
गोल्डमैन की रिपोर्ट के मुताबिक महंगाई बढ़ने की रफ्तार आरबीआई के तय दायरे में रह सकती है लेकिन करेंसीज पर कमजोरी का दबाव बना हुआ है, और खुदरा कीमतों पर इसका बड़ा असर होने की आशंका है।

India GDP News: गोल्डमैन सैक्स ने 2026 के लिए भारत की इकनॉमिक रफ्तार के अपने अनुमान को घटा दिया है। साथ ही गोल्डमैन ने यह भी अनुमान लगाया है कि करेंसी में तेज गिरावट के चलते नीतिगत दरों में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी की जा सकती है यानी कि आपके लोन की ईएमआई महंगी हो सकती है। मंगलवार को जारी अमेरिकी बैंक की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय अर्थव्यवस्था इस साल 2026 में 5.9% की दर से बढ़ेगी, जबकि ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच लड़ाई से पहले यह अनुमान 7% का था। इससे पहले गोल्डमैन ने 13 मार्च को अपने ग्रोथ अनुमान को 6.5% कर दिया था।

Goldman ने क्यों की भारतीय जीडीपी ग्रोथ के अनुमान में कटौती

गोल्डमैन ने तेल की कीमतों और सप्लाई से जु़ड़ी दिक्कतों को लेकर अपने अनुमान में बदलाव के बाद भारतीय जीडीपी के ग्रोथ अनुमान में कटौती की है। कच्चे तेल के भाव में उछाल भारत जैसे आयात पर निर्भर रहने वाले देशों के लिए महंगाई दर और सरकारी खजाने को लेकर अहम रिस्क हैं। गोल्डमैन का अनुमान है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से सप्लाई लगभग बंद रहने की स्थिति अप्रैल के मध्य तक जारी रह सकती है, जिसके बाद अगले 30 दिनों में स्थिति सामान्य होगी। ब्रेंट क्रूड तेल की कीमतें मार्च में प्रति बैरल औसतन $105 और अप्रैल में $115 रहने का अनुमान है, जिसके बाद इस साल की चौथी तिमाही में यह घटकर $80 पर आ सकता है।

महंगाई को लेकर अमेरिकी बैंक के एनालिस्ट्स का मानना है कि भारत में महंगाई बढ़ने की रफ्तार यानी इनफ्लेशन इस साल 2026 में 3.9% के पहले के अनुमान से बढ़कर 4.6% तक पहुंच सकती है। यह अभी भी आरबीआई के 2-6% के तय दायरे में ही रहेगी लेकिन गोल्डमैन का अनुमान है कि भारतीय रुपये में गिरावट के दबाव का सामना करने के लिए आरबीआई रेपो दर में 50 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी कर सकता है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें