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Israel-Iran War: पश्चिम एशिया संकट से भारत के 11.8 अरब डॉलर के कृषि निर्यात पर खतरा

Israel-Iran War: पिछले एक दशक में भारत का कृषि निर्यात पश्चिम एशियाई मार्केट पर बहुत ज्यादा निर्भर हो गया है। भारत ने 2025 में पश्चिम एशिया को 7.48 अरब डॉलर के अनाज, फल, सब्जियां और मसाले भेजे। जारी संघर्ष से चावल के निर्यात पर सबसे बड़ा असर पड़ने की आशंका है

Edited By: Ritika Singhअपडेटेड Mar 08, 2026 पर 12:03 PM
Israel-Iran War: पश्चिम एशिया संकट से भारत के 11.8 अरब डॉलर के कृषि निर्यात पर खतरा
भौगोलिक निकटता और भारतीयों की बड़ी आबादी के कारण खाड़ी देश भारतीय खाद्य उत्पादों के लिए एक स्वाभाविक बाजार रहे हैं।

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण भारत के 11.8 अरब डॉलर मूल्य के कृषि और खाद्य उत्पादों (एग्री एंड फूड प्रोडक्ट्स) के निर्यात पर संकट मंडरा रहा है। इस तनाव से समुद्री मार्ग बाधित हो रहे हैं। बीमा और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ने से अनिश्चितता पैदा हो गई है। यह बात आर्थिक शोध संस्थान 'ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनीशिएटिव' (GTRI) ने कही है। इसके अनुसार, साल 2025 में भारत ने इस क्षेत्र को 11.8 अरब डॉलर मूल्य के अनाज, फल, सब्जियां, डेयरी उत्पाद और मसालों का निर्यात किया था। यह भारत के कुल कृषि निर्यात का 21.8 प्रतिशत है।

भौगोलिक निकटता और भारतीयों की बड़ी आबादी के कारण खाड़ी देश भारतीय खाद्य उत्पादों के लिए एक स्वाभाविक बाजार रहे हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, GTRI का कहना है, "हालांकि, क्षेत्र में जारी संघर्ष से समुद्री मार्ग बाधित हो रहे हैं, बीमा लागत बढ़ रही है और लॉजिस्टिक्स में अनिश्चितता पैदा हो रही है।"

लड़ाई का मौजूदा दौर 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ, जब ईरान पर US और इजरायल ने हमले कर दिए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई और इस्लामिक रिपब्लिक के दूसरे बड़े लोग मारे गए। इसके बाद ईरान ने भी जवाब देते हुए मिसाइल और ड्रोन से इजरायल पर हमले कर दिए। साथ ही मध्यपूर्व के कई देशों में भी अमेरिकी मिलिट्री बेस और इजरायल से जुड़े एसेट्स को निशाना बनाकर हमले किए।

2025 में पश्चिम एशिया को भेजे 7.48 अरब डॉलर के अनाज, फल, सब्जियां, मसाले

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