Core sector growth for May : सरकार द्वारा 20 जून को जारी आंकड़ों के मुताबिक मई में भारत के कोर सेक्टर की ग्रोथ दर में और गिरावट आई है। यह पिछले महीने दर्ज की गई 1 फीसदी की ग्रोथ की तुलना में घटकर 0.7 फीसदी पर आ गई है जो नौ महीने का निम्नतम स्तर है। औद्योगिक उत्पादन सूचकांक में आठ प्रमुख उद्योगों का योगदान 40 फीसदी होता है। मई में लगातार दूसरे महीने टैरिफ बढ़ने से भारत के बुनियादी ढांचे के प्रदर्शन पर असर पड़ा है। अप्रैल में कोर सेक्टर की ग्रोथ रेट आठ महीने के निचले स्तर पर आ गई थी, जिससे आईआईपी ग्रोथ (IIP growth) भी प्रभावित हुई थी। सरकार 30 जून को आईआईपी के आंकड़े जारी करेगी।
जनवरी-मार्च तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था ने 7.6 फीसदी की ग्रोथ के साथ आश्चर्यचकित किया है। हालांकि, अप्रैल-जून की अवधि में मंदी की उम्मीद है। मई के 8 कोर सेक्टर के आंकड़ों पर नजर डालें तो इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन अप्रैल के 1.7 फीसदी से घटकर -5.8 फीसदी पर रहा है। वहीं, सीमेंट प्रोडक्शन पिछले महीने के 6.3 फीसदी से बढ़कर 9.2 फीसदी पर रहा है।
मई में स्टील प्रोडक्शन अप्रैल के 4.4 फीसदी से बढ़कर 6.7 फीसदी पर रहा है। वहीं, फर्टिलाइजर प्रोडक्शन पिछले महीने के -4.2 फीसदी से घटकर -5.9 फीसदी पर रहा है। मई में रिफाइनरी प्रोडक्शन अप्रैल के -4.5 फीसदी से बढ़कर -1.1 फीसदी पर रहा है। मई में नेचुरल गैस प्रोडक्शन अप्रैल के -0.3 फीसदी से बढ़कर -3.6 फीसदी पर रहा है। वहीं, क्रूड ऑयल प्रोडक्शन पिछले महीने के -2.8 फीसदी से घटकर -1.8 फीसदी पर रहा है। मई में कोल प्रोडक्शन अप्रैल के 3.5 फीसदी से घटकर 2.8 फीसदी पर रहा है।
बता दें कि कोर सेक्टर में कुल 8 क्षेत्र आते हैं- कोयला, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस, रिफाइनरी उत्पाद, उर्वरक, इस्पात, सीमेंट और बिजली। ये आठ क्षेत्र औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) में लगभग 40% योगदान करते हैं।