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RBI Policy Expectations: कितनी घटेगी लोन की EMI? बाजार की ये है उम्मीदें

RBI Policy Expectations: आरबीआई आज इस वित्त वर्ष 2026 के आखिरी और इस साल 2026 के पहले मौद्रिक नीतियों का ऐलान करने वाला है। बाजार की निगाहें इसी पर लगी हुई हैं कि दरों को लेकर क्या फैसला होता है और आम लोग इस पर नजर रखे हैं कि उनके लोन की किस्त सस्ती होगी या नहीं। जानिए क्या कहना है मार्केट के जानकारों का

Edited By: Jeevan Deep Vishawakarmaअपडेटेड Feb 06, 2026 पर 9:04 AM
RBI Policy Expectations: कितनी घटेगी लोन की EMI? बाजार की ये है उम्मीदें
RBI Policy Expectations: केंद्रीय बैंक आरबीआई का फोकस इनफ्लेशन, ग्रोथ और वैश्विक डेवलपमेंट्स पर नजर रखते हुए लिक्विडिटी मैनेजमेंट पर रह सकता है।

RBI Policy Expectations: आरबीआई की मौद्रिक नीतियों में इस बार ब्याज दरों में बदलाव की बजाय लिक्विडिटी को मैनेज करने पर अधिक फोकस हो सकता है। ऐसा मानना है बाजार के जानकारों का। उनका मानना है कि महंगाई बढ़ने की रफ्तार नियंत्रित बनी हुई है और ग्रोथ भी स्थिर बना हुआ है तो ब्याज दरों पर तुरंत कुछ करने की जरूरत कम हो गई है। सीएनबीसी टीवी18 के मॉनिटरी पॉलिसी पोल में करीब 90% ने उम्मीद जताई कि इस वित्त वर्ष 2026 के आखिरी और साल 2026 की पहली मौद्रिक नीति में ब्याज दरों को स्थिर रखा जा सकता है तो सिर्फ कुछ ही यानी महज 10% का मानना है कि रेपो रेट में 25 बेसिस प्वाइंट की कटौती की जा सकती है।

India-US Trade Deal ने और कम की दरों में कटौती की उम्मीदें?

बाजार का मानना है कि इस बार रेपो रेट में कटौती की गुंजाइश नहीं दिख रही है। नीतिगत ब्याज दरों में कटौती की पहले जो उम्मीदें थीं, भारत और अमेरिका के बीच कारोबारी डील फाइनल होने के बाद वह और कम हो गई हैं। इस समझौते को माना रहा है कि शॉर्ट टर्म के लिए राहत देने को लेकर आरबीआई पर दबाव कम किया है।

RBI Policy Expectations: क्या हो सकता है नीतिगत ऐलान में

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