CBSE Board Exam 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) से शैक्षिक सत्र 2025-26 में 10वीं और 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों को परीक्षा केंद्र पर कई तरह की सुविधा दी जाएंगी। खासतौर से टाइप 1 डायबिटीज के शिकार छात्रों के लिए ये महत्वपूर्ण जानकारी है। ऐसे छात्र-छात्राओं को परीक्षा हॉल में अपने साथ चाकलेट, टाफी, फल और ग्लूकोमीटर ले जाने की अनुमति दी है। कई बार टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित छात्रों को परीक्षा के दौरान शुगर लेवल गिरने (हाइपोग्लाइसीमिया) से उनका प्रदर्शन और सेहत प्रभावित हो जाते हैं। बोर्ड ने इस संबंध में सभी परीक्षा केंद्रों के लिए निर्देश जारी किया है। बोर्ड ने अपने सर्कुलर में स्पष्ट किया है कि यह सुविधा सिर्फ उन छात्रों को मिलेगी जिन छात्रों का स्टूडेंट की लिस्ट आफ कैंडिडेट (एलओसी) में स्कूल द्वारा टाइप एक शुगर का जिक्र किया गया होगा।
सीबीएसई बोर्ड के इस कदम से छात्र मानसिक रूप से तनावमुक्त रहेंगे और उनका प्रदर्शन प्रभावित नहीं होगा। बोर्ड का मानना है कि बीमारी किसी भी छात्र की सफलता के आड़े नहीं आनी चाहिए। हालांकि, बोर्ड द्वारा दी जा रही इन सुविधाओं का लाभ उठाने के लिए संबंधित छात्रों को इसमें विशेषज्ञ डॉक्टर (Endocrinologist) का पर्चा और बीमारी की गंभीरता का प्रमाण पत्र जैसे कुछ मेडिकल सर्टिफिकेट जमा करने होंगे। इन दस्तावेजों को बोर्ड के पोर्टल पर सही समय पर अपलोड करने की पूरी जिम्मेदारी स्कूल प्रमुखों की होगी। सीबीएसई बोर्ड ने इस संबंध में 2024 की परीक्षा में बदलाव किया था।
डायबिटीज छात्रों को ये साथ रखने की इजाजत
सीबीएसई बोर्ड ने टाइप 1 डायबिटीज से पीड़ित छात्र परीक्षा के दौरान ये चीजें अपने पास रख सकते हैं:
खाने की चीजें : चीनी वाली कैंडी, चॉकलेट, फल (जैसे केला, सेब, संतरा) और सैंडविच।
मेडिकल उपकरण : ग्लूकोज मीटर (Glucometer), इंसुलिन पंप, ग्लूकोज मॉनिटरिंग (CGM) डिवाइस और जरूरी दवाएं।
ट्रांसपेरेंट बैग या बॉक्स में रखें खाने-पीने का सामान
सीबीएसई बोर्ड ने परीक्षा केंद्रों को जो निर्देश भेजा है उसके अनुसार टाइप 1 डायबिटीज से ग्रस्त छात्र खाने-पीने का सामान पारदर्शी बैग (Transparent Pouch) में रख कर परीक्षा केंद्र में ले जा सकते हैं। इन वस्तुओं की पारदर्शी तरीके से जांच करने के लिए ये जरूरी है। परीक्षा के दौरान अगर किसी छात्र की तबीयत बिगड़ती है तो उसे तुरंत चिकित्सा सहायता प्रदान करने के लिए भी केंद्र अलर्ट पर रहेंगे।
स्कूलों को ऐसे छात्रों की पहले से करनी होगी पहचान
सीबीएसई बोर्ड ने स्कूलों को निर्देश दिया है कि वे ऐसे स्टूडेंट्स की पहचान पहले ही कर लें और आवेदन प्रक्रिया में उनकी मदद करें। यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि परीक्षा केंद्र पर तैनात परीक्षक को इन विशेष नियमों की जानकारी हो।