सोशल मीडिया पर वायरल एक फर्जी सर्कुलर ने मिडिल ईस्ट के हजारों भारतीय छात्रों के दिल में दहशत पैदा कर दी। दावा किया गया कि ईरान-इजरायल तनाव के कारण क्लास 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं रद्द हो गई हैं, लेकिन सीबीएसई ने इसे पूरी तरह खारिज कर दिया। आज, 1 मार्च 2026 को बोर्ड ने आधिकारिक एक्स हैंडल से अलर्ट जारी कर साफ कहा, "यह फेक सर्कुलर है। आधिकारिक अपडेट जल्द आएगा।"
यह नोटिस सीबीएसई के लेटरहेड पर बना था, जिसमें कंट्रोलर ऑफ एग्जामिनेशन डॉ. संयम भारद्वाज के नाम से हस्ताक्षर थे। इसमें लिखा था कि 'असाधारण वैश्विक परिस्थितियों और युद्ध की स्थिति' के चलते मिडिल ईस्ट सेंटर्स पर बची हुई लैंग्वेज पेपर्स कैंसिल हैं। क्लास 10 की सोशल साइंस परीक्षा (7 मार्च को निर्धारित) भी रद्द बताई गई और मार्क्स कॉम्पोजिट मूल्यांकन से दिए जाने का जिक्र था। यह सिर्फ मिडिल ईस्ट के रेगुलर स्कूल स्टूडेंट्स पर लागू बताया गया, प्राइवेट कैंडिडेट्स को बाहर रखा। लेकिन हकीकत में ऐसा कोई आदेश जारी ही नहीं हुआ।
सीबीएसई की परीक्षाएं भारत के 8074 सेंटर्स (क्लास 10) और 7574 सेंटर्स (क्लास 12) पर चल रही हैं, साथ ही 26 विदेशी देशों में भी। कुल 43 लाख से ज्यादा स्टूडेंट्स इसमें शामिल हैं, जिनमें मिडिल ईस्ट के लाखों एनआरआई बच्चे भी हैं। बोर्ड ने छात्रों, अभिभावकों और स्कूलों से अपील की कि फर्जी खबरें न फैलाएं। हाल के दिनों में मिडिल ईस्ट में तनाव बढ़ा है यूएई, सऊदी, कतर जैसे देशों में एयरस्ट्राइक्स और एयरस्पेस बंदी ने जिंदगी प्रभावित की, लेकिन परीक्षाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
छात्रों और अभिभावकों की प्रतिक्रिया
यह घटना बोर्ड परीक्षाओं के दौरान फैलने वाली अफवाहों की पुरानी समस्या को उजागर करती है। पहले भी पेपर लीक की फर्जी खबरें वायरल हो चुकी हैं। विशेषज्ञ कहते हैं, सोशल मीडिया पर हर सर्कुलर को आधिकारिक वेबसाइट cbse.gov.in या cbseindia29 हैंडल से वेरीफाई करें। मिडिल ईस्ट के स्टूडेंट्स के लिए सुरक्षा प्राथमिकता है, लेकिन परीक्षाएं तय शेड्यूल पर ही होंगी। ऐसी अफवाहें न सिर्फ तनाव बढ़ाती हैं, बल्कि स्टूडेंट्स का भरोसा तोड़ती हैं।