CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई ने घोषित किया 12वीं का रिजल्ट, जानिए डीयू-जेएनयू में एडमिशन दिलाने में कितने मददगार होंगे आपके नंबर

CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई बोर्ड ने 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। इसके साथ ही छात्रों के मन में ये सवाल उठने लगा है कि ये नंबर उन्हें डीयू या जेएनयू जैसी यूनिवसिर्टी में प्रवेश दिलाने में मददगार होंगे? आइए समझें क्या है इन संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया

अपडेटेड May 13, 2026 पर 9:23 PM
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सीबीएसई का स्कोर अब एक योग्यता फिल्टर और शैक्षिक संकेतक की तरह काम करते हैं।

CBSE Class 12 Result 2026: सीबीएसई बोर्ड के 12वीं के बच्चों का इंतजार आज आखिरकार खत्म हो गया। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने आज सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 घोषित कर दिया। 12वीं कक्षा छात्रों के जीवन का बेहद अहम पड़ाव होता है। इसके नंबरों पर छात्रों का आगे की रणनीति टिकी होती है। सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 जारी होने के बाद अब देशभर के छात्र सोच रहे हैं कि क्या उनके मार्क्स दिल्ली विश्वविद्यालय (DU), जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) और दूसरी बड़ी यूनिवर्सिटी जैसे टॉप संस्थानों में प्रवेश के लिए काफी होंगे।

हालांकि, हाल के वर्षों में भारत के टॉप विश्वविद्यालयों के एडमिशन सिस्टम में काफी बदलाव आया है। अब सिर्फ बोर्ड के नंबरों से उच्च शिक्षा में छात्रों का भविष्य तय नहीं होता। इसके बजाय, CUET जैसे एंट्रेंस एग्जाम पास करना जरूरी होता है। सीबीएसई का स्कोर अब अंतिम चयन टूल के बजाय एक योग्यता फिल्टर और शैक्षिक संकेतक की तरह काम करते हैं।

बोर्ड और CUET (UG) के बीच बनाना पड़ता है संतुलन

इस बदलाव से छात्रों को स्पष्टता तो मिली है, लेकिन उनके बीच भ्रम भी बढ़ा है। एक तरफ, इससे बोर्ड कट-ऑफ का दबाव कम हुआ है, तो कंप्टिशन का नया स्तर शुरू हुआ है। एक प्रवेश परीक्षा का प्रदर्शन बोर्ड परीक्षा की मेहनत पर भारी पड़ता है। यानी छात्रों को अब टॉप संस्थानों में प्रवेश के लिए सिर्फ बोर्ड के नंबर ही नहीं एंट्रेंस एग्जाम में प्रदर्शन का भी ध्यान रखना जरूरी है।

दिल्ली यूनिवर्सिटी

डीयू में प्रवेश के लिए काफी कड़ी प्रतियोगिता होती है। 2026 DU अंडरग्रेजुएट एडमिशन पूरी तरह CUET (UG) 2026 के स्कोर पर कॉमन सीट एलोकेशन सिस्टम (CSAS) के जरिए आधारित हैं। हालांकि 10वीं-12वीं के नंबर की जरूरत दो उम्मीदवारों के सीयूईटी स्कोर समान होने पर टाई तोड़ने के लिए होगी। यूनिवर्सिटी का यह भी कहना है कि कुछ खास कोर्स के लिए, बोर्ड में मिनिमम एलिजिबिलिटी परसेंटेज क्राइटेरिया लागू हो सकता है।


जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी

जेएनयू में, ज्यादातर अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम के एडमिशन भी CUET (UG) 2026 स्कोर पर आधारित होते हैं। यहां, योग्यता के लिए मुख्य रूप से सीबीएसई मार्क्स का इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि, अच्छे बोर्ड में अच्छे नंबर पाने वाले छात्र अक्सर एंट्रेंस एग्जाम में बेहतर परफॉर्म करते हैं, जिससे CBSE में 75–90% सफल कैंडिडेट के बीच आम तौर पर देखी जाने वाली रेंज बन जाती है। हालांकि एडमिशन के लिए यह कोई सख्त जरूरत नहीं है। जेएनयू में प्रवेश के लिए योग्य होने के लिए उम्मीदवारों को CUET एग्जाम में सेक्शन IA (इंग्लिश) और सेक्शन III (जनरल टेस्ट) चुनना होगा।

जामिया मिलिया इस्लामिया, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी और प्राइवेट यूनिवर्सिटी जैसे दूसरे बड़े इंस्टीट्यूशन्स के लिए भी यही ट्रेंड है।

CUET (UG) 2026 स्कोर पर ही मिलेगा प्रवेश

यानी कुल-मिलाकर सीबीएसई 12वीं रिजल्ट 2026 के नंबर आपकी योग्यता और शैक्षिक विश्वसनीयता तय करते हैं। लेकिन प्रवेश का निर्धारण सीयूईटी यूजी में प्रदर्शन के आधार पर ही होता है। इसलिए अगर छात्र को बोर्ड परीक्षा में औसत से बेहतर स्कोर मिलते हैं, तो भी एंट्रेंस टेस्ट में अच्छे प्रदर्शन पर उन्हें प्रवेश मिल सकता है।

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