CBSE ने जुलाई से क्लास 9 और 10 में लैंग्वेज लेबल पर किया बड़ा बदलाव, ये फैसला सबके लिए अनिवार्य

CBSE ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए 3 भाषा व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है। दोनों कक्षा के छात्रों के लिए 01 जुलाई से तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा। इसमें से दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। बोर्ड से पहले यह फैसला कक्षा 6 के छात्रों के लिए लागू कर चुका है। आइए जानें

अपडेटेड May 16, 2026 पर 3:20 PM
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कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए 01 जुलाई 2026 से 3 भाषा फॉर्मूला लागू होगा।

CBSE ने कक्षा 9 और 10 के छात्रों के लिए भाषा के स्तर पर बड़े बदलाव की घोषणा की है। इन छात्रों के लिए भी 01 जुलाई 2026 से 3 भाषा फॉर्मूला लागू होगा। 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य होगा, जिसमें दो भाषाएं भारतीय मूल की होनी चाहिए। इससे पहले बोर्ड ने मौजूदा सत्र से छठी कक्षा के छात्रों पर तीन भाषा फॉर्मूला लागू करने की घोषणा की थी। इन्हें भी तीन भाषाओं में से दो भारतीय भाषाएं पढ़ना जरूरी है।

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 और नेशनल करिकुलम फ्रेमवर्क (NCF-SE) 2023 के तहत किया है। कक्षा 9 और 10 के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से तीन भाषा नीति (Three-Language Policy) को अनिवार्य रूप से लागू करने का फैसला किया है। बोर्ड ने इस संबंध में 15 मई, 2026 को जारी एक सर्कुलर किया है। इसके अनुसार, 1 जुलाई, 2026 से 9वीं और 10वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाओं, R1, R2, और R3 की पढ़ाई जरूरी हो जाएगी। बोर्ड ने यह भी साफ किया है कि इनमें से कम से कम दो भाषाए मूल भारतीय भाषाए होनी चाहिए।

इस नए बदलाव की मुख्य बातें निम्नलिखित हैं :

दो भारतीय भाषाएं अनिवार्य : छात्रों को जिन तीन भाषाओं (R1, R2, और R3) को चुनना होगा, उनमें से कम से कम दो भाषाएं मूल भारतीय (Native Indian) होनी चाहिए।

विदेशी भाषा का विकल्प : यदि कोई छात्र विदेशी भाषा पढ़ना चाहता है, तो वह इसे तभी चुन सकता है जब बाकी की दो भाषाएं भारतीय हों। इसके अलावा विदेशी भाषा को चौथे (अतिरिक्त) विषय के रूप में भी पढ़ा जा सकता है।

अस्थायी व्यवस्था : चूंकि यह नियम शैक्षणिक सत्र के बीच (1 जुलाई 2026 से) लागू हो रहा है, इसलिए सीबीएसई ने कुछ समय के लिए आसान रास्ता निकाला है। जब तक कक्षा 9 और 10 के लिए तीसरी भाषा (R3) की नई किताबें नहीं आ जातीं, तब तक छात्र कक्षा 6 की R3 पाठ्यपुस्तकों से पढ़ाई करेंगे।


शिक्षकों की कमी के लिए छूट : स्कूलों को भारतीय भाषाओं के योग्य शिक्षक ढूंढने में परेशानी न हो, इसके लिए सीबीएसई ने स्कूलों को सेवानिवृत्त शिक्षकों को रखने, पास के अन्य स्कूलों के साथ शिक्षक साझा करने (Sahodaya clusters) या हाइब्रिड/ऑनलाइन माध्यम से पढ़ाने की अनुमति दी है।

बोर्ड द्वारा 19 अनुसूचित भाषाओं में कक्षा 6 की R3 किताबें 1 जुलाई 2026 से पहले स्कूलों के लिए उपलब्ध करा दी जाएंगी।

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