Get App

CBSE School Programs: सीबीएसई के स्कूलों में शुरू होगा एनएसएस, 11-12वीं छात्रों को दो साल में देनी होगी 240 घंटों की सेवा

CBSE School Programs: सीबीएसई के सभी स्कूलों में एनएसएस यूनिट शुरू की जाएगी। इसके तहत 11 और 12वीं कक्षा के छात्रों को दो साल में 240 घंटों की सेवाएं देनी होंगी। यह इकाइयां सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट के तहत बनाई जाएंगी। आइए जानें सीबीएसई के सर्कुलर में इसके बारे में क्या कहा गया है

MoneyControl Newsअपडेटेड Aug 06, 2026 पर 11:36 AM
CBSE School Programs: सीबीएसई के स्कूलों में शुरू होगा एनएसएस, 11-12वीं छात्रों को दो साल में देनी होगी 240 घंटों की सेवा
स्कूल सरकारी अनुदान का इंतजार किए बिना अपने स्तर पर एनएसएस इकाइयों का संचालन कर सकेंगे।

CBSE School Programs: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों में छात्रों को सामाजिक सेवा के प्रति जागरूक बनने के लिए अहम सर्कुलर जारी किया है। बोर्ड के इस नोटिस के अनुसार, बोर्ड के सभी संबद्ध स्कूलों में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की इकाई स्थापित करने का निर्णय लिया है। एनएसएस की इकाइयां ‘सेल्फ फाइनेंसिंग यूनिट’ (एसएफयू) के आधार पर बनाई जाएंगी। यानी स्कूल अब सरकारी अनुदान का इंतजार किए बिना अपने स्तर पर एनएसएस इकाइयों का संचालन कर सकेंगे।

हर इकाई में 50 से 100 स्वयंसेवक शामिल होंगे, जो स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, साक्षरता, आपदा प्रबंधन, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता जैसे कार्यक्रमों में भाग लेंगे। सीबीएसई के निदेशक (अकादमिक) डा. प्रज्ञा एम. सिंह की ओर से 30 जुलाई को जारी निर्देश के अनुसार एनएसएस से जुड़ने वाले छात्र स्वच्छता अभियान, पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य जागरूकता, साक्षरता, आपदा प्रबंधन, रक्तदान जागरूकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता जैसे विभिन्न सामुदायिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।

स्कूलों को भेजे दिशा-निर्देश

सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को एनएसएस इकाई बनाने और उसके संचालन के लिए दिशा-निर्देश भेजे हैं। बोर्ड ने प्रस्ताव प्रस्तुत करने का प्रोफार्मा और योजना का ब्रोशर उपलब्ध कराया है। साथ ही, बोर्ड ने स्कूलों से इस योजना को प्राथमिकता के आधार पर लागू करने और अधिक से अधिक छात्रों को इससे जोड़ने की अपील की है। इसके तहत 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को जोड़ा जाएगा। इन्हें दो साल की अवधि में 240 घंटों की सेवाएं देनी होंगी।

बोर्ड का मानना है कि सेल्फ फाइनेंसिंग माडल से विद्यालय और समुदाय के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा। विद्यार्थियों को समाज की वास्तविक समस्याओं को समझने और उनके समाधान में सक्रिय भूमिका निभाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनके समग्र व्यक्तित्व का विकास होगा।

सीबीएसई के अनुसार यह पहल ‘माई भारत एनएसएस’ अभियान के विस्तार का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को कम उम्र से ही समाज सेवा और राष्ट्र निर्माण से जोड़ना है। एनएसएस का मूल सिद्धांत ‘सेवा के माध्यम से शिक्षा’ है और वर्ष 1969 से यह योजना युवाओं में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व और व्यक्तित्व विकास को बढ़ावा देती रही है।

इससे विद्यार्थियों में नेतृत्व क्षमता, अनुशासन, टीम भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व का विकास होगा। इस योजना के जरिए अब तक 8.4 करोड़ से अधिक छात्र-छात्राएं लाभान्वित हो चुके हैं। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं में सहानुभूति, नेतृत्व क्षमता, सामाजिक संवेदनशीलता और राष्ट्र निर्माण की भावना विकसित करना है।

सब समाचार

+ और भी पढ़ें