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CBSE करेगा कक्षा 6 से 9वीं तक के छात्रों की समझ का आकलन, आज से शुरू हुई सफल मूल्यांकन परीक्षा

CBSE कक्षा 6 से 9वीं तक के छात्रों का सफल मूल्यांकन करेगा। इसके लिए स्कूलों में परीक्षा आज से शुरू हो गई है। सफल मूल्यांकन परीक्षा बच्चों के विषय को समझने की दक्षता का मूल्यांकन है। इसके तहत विषयवार परीक्षा पेन और पेपर मोड में आयोजित की जाएगी। आइए जानें इसके बारे में सबकुछ

MoneyControl Newsअपडेटेड Dec 08, 2025 पर 10:46 PM
CBSE करेगा कक्षा 6 से 9वीं तक के छात्रों की समझ का आकलन, आज से शुरू हुई सफल मूल्यांकन परीक्षा
बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि सफल मूल्यांकन का उद्देश्य बच्चों की दक्षता का आकलन करना है।

CBSE: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कक्षा 6 से 9वीं तक छात्रों के लिए सफल मूल्यांकन परीक्षा का आयोजन कर रहा है। इसकी शुरुआत आज से हो चुकी है। नई शिक्षा नीति 2020 के बाद स्कूलों में पढ़ाई का तरीका लगातार बदला जा रहा है। अब जोर सिर्फ रटने पर नहीं, बल्कि यह समझने पर है कि बच्चा सच-मुच किसी विषय को कितना समझ पा रहा है। इसी के तहत सफल मूल्यांकन का आयोजन किया जा रहा है। सीबीएसई ने इसके लिए स्कूलों को दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि इसका उद्देश्य बच्चों की दक्षता का आकलन करना है।

बोर्ड ने जारी किया परीक्षा का शेड्यूल

नई शिक्षा नीति 2020 के तहत इस मूल्यांकन को अनिवार्य किया गया है। शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए यह परीक्षा पेन-पेपर मोड में आयोजित होगी। है। बोर्ड ने परीक्षा की गाइडलाइंस के साथ-साथ परीक्षा का शेड्यूल भी जारी किया है। इसमें छठी से नौवीं कक्षा तक के बच्चों को शामिल किया जाएगा। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार परीक्षा का आयोजन हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यम में होगा।

इस तरह है परीक्षा का शेड्यूल

सफल मूल्यांकन के तहत विषयवार परीक्षा का आयोजन 8 दिसंबर से शुरू हो चुका है। आज कक्षा 9 के छात्रों की विज्ञान विषय की परीक्षा ली गई। नौ दिसंबर को भाषा और 10 को - गणित की परीक्षा होगी। छठी कक्षा के बच्चों के लिए 11 दिसंबर को पर्यावरण विज्ञान, 15 को भाषा, 16 को गणित की परीक्षा होगी। इसमें केवल यह देखा जाएगा कि बच्चों में रटने की बजाए समझने की प्रवृति कितनी बढ़ी है। सफल मूल्यांकन का उद्देश्य रटकर याद करने की आदत को कम करना और बच्चों की वास्तविक समझ को बढ़ावा देना है। उनकी सोचने-समझने की शक्ति को पहचानना और यह समझना कि क्लास में पढ़ाए गए विषयों को वे कितना लागू कर पाते हैं।

खुद अपने स्कूल के बच्चों का आकलन करेंगे स्कूल

बोर्ड की ओर से इस संबंध में स्कूलों को एक लिंक दिया गया है। इसके जरिये परीक्षा से एक दिन पहले ओएमआर शीट को डाउनलोड कर प्रिंट करना है। सीबीएसई ने स्कूलों को स्पष्ट किया है कि यह कोई प्रतियोगिता परीक्षा नहीं है, यह केवल योग्यता आधारित मूल्यांकन है। परीक्षा के बाद छात्रों के नंबर कहीं भी नहीं भेजे जाएंगे, बल्कि स्कूल खुद ही बच्चों के रिजल्ट का अवलोकन करेंगे। यह परीक्षा बच्चों पर बोझ डालने के लिए नहीं, बल्कि उनकी सीखने की प्रक्रिया को सुधारने के लिए बनाई गई है।

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