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IN SPAC Short Term Course: स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए इसरो ने लॉन्च किया शॉर्ट टर्म कोर्स! तुरंत करें अप्लाई, जानें फीस समेत सबकुछ

IN SPAC Short Term Course: इसरो ने IN-SPACe और शिक्षा जगत के सहयोग से एक नए शॉर्ट टर्म कोर्स की घोषणा की है। इसमें बताया जाएगा कि स्पेस टेक्नोलॉजी का एग्रीकल्चर में कैसे उपयोग किया जा सकता है। यह कोर्स 27 जुलाई से 1 अगस्त, 2025 तक नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी में चलेगा। इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख आज यानी 11 जुलाई है

Akhilesh Nath Tripathiअपडेटेड Jul 11, 2025 पर 11:03 AM
IN SPAC Short Term Course: स्पेस टेक्नोलॉजी के लिए इसरो ने लॉन्च किया शॉर्ट टर्म कोर्स! तुरंत करें अप्लाई, जानें फीस समेत सबकुछ
IN SPAC Short Term Course: इस कोर्स की फीस 15,000 रुपये है, जिसमें खाने का चार्ज भी शामिल है (Image: AI generated via ChatGPT)

IN SPAC Short Term Course: एग्रीकल्चर और स्पेस प्रेमियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। इसरो ने IN-SPACe और शिक्षा जगत के सहयोग से एक नए शॉर्ट टर्म कोर्स की घोषणा की है। इसमें बताया जाएगा कि स्पेस टेक्नोलॉजी का एग्रीकल्चर में कैसे उपयोग किया जा सकता है। यह कोर्स 27 जुलाई से 1 अगस्त, 2025 तक नोएडा के एमिटी यूनिवर्सिटी में चलेगा। इस कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन करने की आखिरी तारीख आज यानी 11 जुलाई है। स्पेस टेक्नोलॉजी कोर्स की बढ़ती डिमाड को लेकर इसरो ने ये फैसला किया है। ये इसलिए शुरू किया गया है कि छात्र अपने स्किल डेवलप कर सकें। ये कोर्स एग्रीकल्चर में स्पेस टेक्नोलॉजी के महत्व और स्किल डेवलपमेंट के लिए होगा।

इसरो ने स्पेस एजुकेशन ट्रेनिंग और नॉलेज अपग्रेडेशन (SETU 2025) नाम से पांच दिन का कोर्स शुरू किया है। इस कोर्स की फीस 15,000 रुपये है, जिसमें खाने का चार्ज भी शामिल है। एमिटी यूनिवर्सिटी कैंपस में अनुरोध पर 900 रुपये प्रतिदिन के हिसाब से आवास उपलब्ध है। सभी प्रतिभागियों को आखिरी दिन एक अनिवार्य क्विज देनी होगी। फिर इसमें पास होने वालों को सर्टिफिकेट प्रदान किए जाएंगे। bharatkosh.gov.in पर भुगतान करने के बाद IN-SPACe पोर्टल के माध्यम से रजिस्ट्रेशन पूरा करना होगा।

कौन कर सकता है अप्लाई?

यदि आप ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट, एकेडमिक या इंडस्ट्री एक्सपर्ट हैं। और साथ ही खेती में आधुनिक तकनीक के प्रयोग में रुचि रखते हैं, तो यह कोर्स आपके लिए है। यह सैटेलाइट डेटा, फसलों पर जलवायु प्रभाव और एग्री-इनोवेशन पर रिसर्च करने वाले शोधकर्ताओं के लिए भी एक बेहतरीन विकल्प है। यह कोर्स 27 जुलाई 2025 से 1 अगस्त 2025 तक यानी की केवल 5 दिन तक चलेगा।

इसरो कोर्स के लिए रजिस्ट्रेशन कैसे करें?

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