Viral Video: झारखंड से एक भावुक कर देने वाली खबर सामने आई है, जिसके वीडियो ने सोशल मीडिया पर यूजर्स का दिल जीत लिया है। झारखंड के रामगढ़ में एक ट्रेन दो घंटे तक रेलवे ट्रैक के पास एक हथिनी के बच्चे के जन्म का इंतजार करती रही। प्रसव के दौरान रेलवे ट्रैक पर ट्रेनों का परिचालन रोक दिया गया था। स्थानीय ग्रामीणों के सहयोग और रेलवे एवं वन विभाग के समन्वय से हथिनी का सुरक्षित प्रसव कराया गया।
अधिकारियों ने बताया कि रामगढ़ मेंरेलवे और वन विभाग ने संकट में फंसी गर्भवती हथिनी की सुरक्षा के लिए एक साथ मिलकर काम किया। उन्होंने घने जंगल से होकर गुजरने वाली एक रेल लाइन पर उसके बच्चे का सुरक्षित प्रसव सुनिश्चित करने के लिए चलती मालगाड़ी को दो घंटे तक रोक दिया। यह घटना पूर्व मध्य रेलवे में रांची-कोडरमा रूट पर बरकाकाना और हजारीबाग स्टेशनों के बीच सरवाहा गांव के पास घटी। यह वह रूट है जिसे सक्रिय हाथी गलियारे का हिस्सा माना जाता है।
सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद यह घटना सामने आई जो 25 जून को हुई थी। रामगढ़ के प्रभागीय वन अधिकारी (DFO) नीतीश कुमार ने पीटीआई को बताया, "हमारे वन रक्षक ने मुझे तड़के तीन बजे सूचना दी कि एक गर्भवती हथिनी संकट में है और उसे प्रसव पीड़ा हो रही है। रक्षक ने कहा कि अगर ट्रेनों की आवाजाही नहीं रोकी गई तो हाथी के कुचले जाने की आशंका है।"
कुमार ने बताया कि उन्होंने तुरंत बरकाकाना में रेलवे कंट्रोल रूम से संपर्क किया। फिर निर्देश दिया कि जब तक हथिनी बच्चे को जन्म नहीं दे देती, तब तक ट्रेनों की आवाजाही रोक दी जाए। कुछ ही देर बाद, एक मालगाड़ी रोक दी गई। फिर हथिनी ने पटरियों पर बच्चे को जन्म दिया।
वायरल वीडियो में मां और नवजात बच्चे पटरी पर दिख रहे हैं। अधिकारियों ने बताया कि स्थानीय लोग दोनों की मदद के लिए आगे आए। इसके तुरंत बाद मां और बच्चे जंगल के भीतर अपने झुंड के साथ फिर से मिल गए। प्रसव के बाद हथिनी और नवजात बच्चे को सुरक्षित रास्ते से हाथी के कॉरिडोर जंगल में पहुंचा दिया गया।
यह वीडियो इंटरनेट पर वायरल हो गया है। लोग इस मानवीय फैसले की जमकर सराहना कर रहे हैं। केंद्रीय पर्यावरण मंत्री भूपेंद्र यादव ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इसका वीडियो शेयर किया। उन्होंने इस घटना को संवेदनशीलता की जीवंत मिसाल बताते हुए कहा कि जहां आमतौर पर इंसान और जानवरों के बीच संघर्ष की खबरें सुनने को मिलती हैं। वहीं, यह वीडियो मानवीय करुणा और वन्यजीवों के साथ सह-अस्तित्व का एक प्रेरणादायक उदाहरण है।
भूपेंद्र यादव ने X पर लिखा, "मानव-पशु संघर्ष की खबरों से परे मानव-पशु के सामंजस्यपूर्ण अस्तित्व का यह उदाहरण साझा करते हुए मुझे खुशी हो रही है। झारखंड में एक हथिनी ने अपने बच्चे को जन्म दिया, जिसके बाद ट्रेन दो घंटे तक इंतजार करती रही। वीडियो में दिखाया गया है कि बाद में दोनों कैसे खुशी-खुशी आगे बढ़े। सरकार के समग्र दृष्टिकोण का अनुसरण करते हुए, @MOEFCC और @RailMinIndia ने देश में 3,500 किलोमीटर रेलवे ट्रैक का सर्वेक्षण करके 110 से ज्यादा संवेदनशील स्थानों की पहचान की है। इन प्रयासों से इतने दिल को छू लेने वाले परिणाम देखना सुखद है। @JharkhandVan के अधिकारियों को उनकी संवेदनशीलता के लिए विशेष बधाई, जिससे हथिनी को अपने बच्चे को जन्म देने में मदद मिली।"