इंडिया और चीन के बीच बॉर्डर ट्रेड करीब 5 साल बाद फिर से शुरू हो सकता है। दोनों देश इस बारे में बातचीत कर रहे हैं। लंबे समय से रिश्तों में तल्खी के बाद दोनों देशों के रुख में बदलाव आया है। मामले से जुड़े अधिकारियों ने इस बारे में बताया। दोनों पक्षों ने साझा बॉर्डर के तय प्वाइंट्स के जरिए फिर से व्यापार शुरू करने का प्रस्ताव दिया है। सूत्रों ने बताया कि इस पर बातचीत चल रही है। सूत्र ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।
दोनों देशों के सीमावर्ती लोगों को फायदा
चीन के विदेश मंत्रालय ने 14 अगस्त को कहा कि बीजिंग इस मसले पर इंडिया के साथ बातचीत और समन्वय बढ़ाना चाहता है। ब्लूमबर्ग न्यूज के एक सवाल के जवाब में मंत्रालय ने बताया कि चीन और इंडिया के बीच बॉर्डर ट्रेड (China India Border Trade) ने दोनों देशों के सीमावर्ती इलाकों में रहने वाले लोगों के जीवन को बेहतर बनाने में बड़ी भूमिका निभाई है। भारत में विदेश मंत्रालय ने इस बारे में भेजे गए ईमेल का जवाब नहीं दिया।
सीमा पर तीन स्थानों के जरिए होता था व्यापार
तीन दशक से ज्यादा समय तक इंडिया और चीन के बीच स्थानीय उत्पादित चीजों का व्यापार चलता रहा। इनमें मसालें, दरी, लकड़ी के फर्नीचर, पशु चारा, मिट्टी के बर्तन, मेडिसिनल प्लांट्स और इलेक्ट्रिक आइटम्स शामिल थे। दोनों देशों के बीच की 3,488 किलोमीटर की सीमा पर इसके लिए तीन स्थान तय थे। हालांकि, व्यापार का वॉल्यूम कम था। 2017-18 में यह 3.16 अरब डॉलर था। यह जानकारी सरकार के पास उपलब्ध ताजा डेटा पर आधारित है।
कोविड शुरू होने पर दोनों देशों के बीच बंद हो गया यह व्यापार
कोविड की महामारी शुरू होने पर व्यापार के इन प्वाइंट्स को बंद कर दिया गया। उसके बाद गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के बीच झड़प हुई, जिसमें 20 भारतीय सैनिकों और कम से कम 4 चीनी सैनिकों की मौत हो गई। इसके बाद से दोनों देशों के रिश्ते खराब हो गए। अब दोनों देशों के सीमा के जरिए व्यापार शुरू करने में दिलचस्पी को देखकर यह संकेत मिलता है कि दोनों सीमा पर तनाव घटाने को तैयार हैं। यही नहीं दोनों देशों के बीच अगले महीने डायरेक्ट फ्लाइट्स शुरू हो जाने की उम्मीद है।
अगले महीने चीन के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान
ब्लूमबर्ग न्यूज की 14 अगस्त की खबर के मुताबिक, सितंबर में भारत और चीन के बीच सीधी उड़ान सेवा शुरू हो सकती है। उधर, चीन ने इंडिया को फर्टिलाइजर्स के एक्सपोर्ट से जुड़े नियमों को नरम किया है। इस महीने के आखिर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चीन जा सकते हैं। यह बीते सात सालों में उनकी पहली चीन यात्रा होगी। वह चीन की अगुवाई वाले शंघाई कोऑपरेशन ऑर्गेनाइेशन (SCO) की बैठक में हिस्सा लेंगे। उनकी इस यात्रा के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से द्विपक्षीय बातचीत होगी।
ट्रंप के टैरिफ के एलान के बाद चीन से बढ़ रही नजदीकी
चीन और भारत के रिश्तों में तब सुधार दिख रहा है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ की वजह से इंडिया और अमेरिका के संबंधों पर असर पड़ा है। ट्रंप ने भारत पर 50 फीसदी टैरिफ लगाने का ऐलान किया है। यह दूसरे देशों पर लगाए गए अमेरिकी टैरिफ के मुकाबले काफी ज्यादा है।