Harjot Singh Bains: पंजाब के शिक्षा मंत्री को सड़कों की मरम्मत करने और जूते साफ करने की मिली सजा, हरजोत सिंह बैंस 'तनखैया' करार

Harjot Singh Bains: सिख धर्मगुरुओं ने पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को जम्मू-कश्मीर में हुए एक कार्यक्रम के बाद धार्मिक सजा के तौर पर सड़कों की मरम्मत करने और सफाई करने को कहा है। यह पहली बार है जब अकाल तख्त ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को धार्मिक सजा के तौर पर अनिवार्य किया है। आम तौर पर सजा में गुरुद्वारों में सेवा करना शामिल होती है

अपडेटेड Aug 06, 2025 पर 11:08 PM
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Harjot Singh Bains: सिख भावनाओं को 'आहत' करने के आरोप में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस अमृतसर में पांच 'सिंह साहिबानों' के समक्ष पेश हुए

Harjot Singh Bains News: सिख धर्म के प्रमुख धार्मिक केंद्र अमृतसर स्थित श्री अकाल तख्त ने बुधवार (6 अगस्त) को पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस को श्रीनगर में श्री गुरु तेग बहादुर के 350वें शहादत दिवस के मौके पर आयोजित एक कार्यक्रम में नाच-गान करने के सिलसिले में तनखैया (धार्मिक दंड) सुनाया। बैंस बुधवार को प्रसिद्ध गोल्डन टेंपल में सिखों की सर्वोच्च संस्था श्री अकाल तख्त साहिब के सामने पेश हुए।

सिख धर्मगुरुओं ने उन्हें जम्मू-कश्मीर में हुए एक कार्यक्रम के बाद धार्मिक सजा के तौर पर सड़कों की मरम्मत करने और सफाई करने को कहा है। यह पहली बार है जब अकाल तख्त ने इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट को धार्मिक सजा के तौर पर अनिवार्य किया है। आम तौर पर सजा में गुरुद्वारों में सेवा करना शामिल होती है। 

सिख भावनाओं को 'आहत' करने के आरोप में बैंस को श्री आनंदपुर साहिब के 'जोड़ा घर' (जूते रखने की जगह) में जूते साफ करने की दो-दिवसीय 'सेवा' (स्वैच्छिक सेवा) सहित कई कार्य करने के लिए भी कहा गया है।


पंजाब भाषा विभाग की ओर से 9वें सिख गुरु के शहादत दिवस से संबंधित श्रीनगर में एक 'विवादास्पद कार्यक्रम आयोजित करके सिख भावनाओं को 'आहत' करने के आरोप में बुलाए जाने के बाद बैंस अमृतसर में पांच 'सिंह साहिबानों' के समक्ष पेश हुए।

करनी होगी सड़कों की मरम्मत और सफाई

न्यूज एजेसी पीटीआई के मुताबिक, अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गडगज के नेतृत्व में पांच सिख धर्मगुरुओं ने एक निर्देश जारी किया। इसमें उन्हें गोल्डन टेंपल से गुरुद्वारा गुरु के महल तक पैदल चलने का निर्देश दिया गया। साथ ही उन्हें गुरुद्वारे तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत और सफाई सुनिश्चित करने का भी निर्देश दिया गया है।

बैंस को अमृतसर स्थित गुरुद्वारा कोठा साहिब पातशाही नौवीं, वल्लाह और बाबा बकाला साहिब स्थित गुरुद्वारा पातशाही नौवीं का भी दौरा करने का निर्देश दिया गया। ये गुरुद्वारे नौवें सिख गुरु से जुड़े हैं। इसके अलावा, बैंस को दिल्ली स्थित गुरुद्वारा शीशगंज जाने और श्री आनंदपुर साहिब स्थित 'जोड़ा घर' में जूते साफ करने की दो दिवसीय 'सेवा' करने, 1,100 रुपये का 'देग' (पवित्र भेंट) चढ़ाने और 'अरदास' में भाग लेने के लिए कहा गया।

स्वीकार की गलती

बैंस के पांचों 'सिंह साहिबानों' के समक्ष पेश होने के बाद, अकाल तख्त जत्थेदार ने मंत्री से पूछा कि क्या वह अपनी गलती स्वीकार करते हैं, जिस पर उन्होंने कहा, 'हां'। पांच सिंह साहिबानों ने 24 जुलाई को श्रीनगर के टैगोर हॉल में आयोजित कार्यक्रम की कड़ी निंदा की। इसका आयोजन पंजाब सरकार के भाषा विभाग ने गुरु तेग बहादुर के शहादत दिवस के उपलक्ष्य में किया था।

इस कार्यक्रम में डांस और म्यूजिक का आयोजन किया गया, जिससे सिख भावनाओं को गहरी ठेस पहुंची। बैंस ने पहले कहा था कि वह अकाल तख्त के समक्ष पेश होंगे और अपनी नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए हर आदेश का पालन करने के लिए बाध्य होंगे।

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