NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने सरकार और सुरक्षा एजेंसियों के सुझाव के बाद नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) को रद्द करने का फैसला किया है। यह परीक्षा 5432 परीक्षा केंद्रों पर रविवार 03 मई, 2026 को आयोजित की गई थी, जिसमें 22.79 छात्रों ने हिस्सा लिया था। परीक्षा में केमिस्ट्री के पेपर में पूछे गए कुल सवालों में 120 सवाल एक गेस पेपर से हूबहू पूछे जाने का खुलासा होने के बाद राजस्थान पुलिस के स्पेशल ऑपरेश ग्रुप (SOG) ने इस मामले की जांच की है।
अब मिले तथ्यों के आधार पर इस पूरे मामले के तार राजस्थान के सीकर जिले से जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस मामले में राकेश मंडावरिया नाम के शख्स को मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे इसके तार कई राज्यों से जुड़े होने की आशंका बढ़ रही है। सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि गेस पेपर से सवालों का मेल खाना सिर्फ अनुमान था या पूरी प्लानिंग के तहत असली परीक्षा से जुड़े सवाल पहले से छात्रों तक पहुंचाए गए थे।
राजस्थान के सीकर से जुड़ रहे मामले के तार
राजस्थान का सीकर नीट और जेईई का हब बन कर उभरा है। राजस्थान पुलिस एसओजी की जांच में इस जिले का नाम उभरकर सामने आ रहा है। एजेंसियों के मुताबिक, यह कथित गेस पेपर सीकर से चूरू, झुंझुनूं और यहां तक कि उत्तराखंड के देहरादून तक पहुंचा। कई जगह छात्रों को इसकी प्रिंटेड कॉपी भी बांटी गई थी। इस पेपर के लिए 5 लाख रुपये तक दिए गए हैं। हालांकि परीक्षा से पहले इसकी कीमत घट कर 30,000 रुपये रह गई थी।
एसके कंसल्टेंसी का राकेश मंडावरिया हो सकता है मास्टरमाइंड
रास्थान के एमबीबीएस छात्र का भी नाम आया
नीट यूजी 2026 पेपर लीक मामले में राजस्थान के ही एक और जिले के छात्र का नाम भी समाने आ रहा है। यह छात्र केरल मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई कर रहा है और इसे राजस्थान के चुरू का बताया जा रहा है। जांच में पता चला है कि उसे सीकर से इस कथित गेस पेपर की PDF भेजी गई थी। पुलिस को शक है कि इसके बाद यह सामग्री वॉट्सएप ग्रुप्स और निजी चैनलों के जरिए फैली है। सुरक्षा एजेंसियों की जांच में कई चैट रिकॉर्ड में इस पीडीएफ के साथ ‘फॉर्वडेर्ड मेनी टाइम्स’ का टैग भी मिला है, जिससे बड़े स्तर पर प्रसार की आशंका बढ़ गई है।
अब तक 15 लोग हिरासत में लिए गए
जांच एजेंसियों द्वारा इस मामले में अब तक 15 लोगों को हिरासत में लिया जा चुका है। इनमें राजस्थान और उत्तराखंड के कई लोग शामिल हैं। सोमवार को जयपुर के मनीष नाम के एक व्यक्ति को भी एसओजी ने हिरासत में लिया जिसे जांच एजेंसियां कथित मास्टरमाइंड मान रही हैं।