JEE Main Qualifying Cut-Off 2026: तकनीकी क्षेत्र में करियर बनाने की इच्छा रखने वाले युवाओं के लिए जॉइंट एंट्रेंस एग्जाम (JEE) मेन परीक्षा पहला पड़ाव होती है। 12वीं कक्षा के बाद काफी संख्या में छात्र जेईई मेन के विकल्प को अपनाते हैं। इसमें छात्रों के लिए इसके बाद का एक और पड़ाव जेईई एडवांस का होता है। इस रास्ते पर चल कर वे देश के प्रतिष्ठित आईआईटी, एनआईटी या आईआईआईटी संस्थानों में प्रवेश पा सकते हैं। देश के प्रतिष्ठित इंजीरिंग संस्थान में प्रवेश का सपना देखने वाले युवाओं के सामने बड़ा सवाल होता है कि जेईई एडवांस के लिए क्वालिफाई करने के लिए जेईई मेन में कितने नंबर आने चाहिए ? आज यहां हम आपके इस सवाल का जवाब देने का प्रयास कर रहे हैं। आइए जानें
दो सेशन का होता है जेईई मेन
जेईई मेन के दो सेशन होते हैं जेईई मेन 1 और जेईई मेन 2। इस साल भी जेईई मेन 2026 सेशन 1 और सेशन 2 की परीक्षा का आयोजन किया गया है। जेईई मेन 1 जहां जनवरी में हुई थी,वहीं जेईई मेन 2 की परीक्षा 8 अप्रैल तक होगी।
जेईई एडवांस का टिकट नहीं जेईई मेन
जेईई मेन परीक्षा में हिस्सा लेने मात्र से छात्र जेईई एडवांस परीक्षा देने के योग्य नहीं बन जाते हैं। जेईई मेन प्रवेश परीक्षा न होकर एक स्क्रीनिंग टेस्ट है। इसके लिए छात्रों का तकरीबन 2.5 लाख छात्रों के बीच जगह बनाना जरूरी है। यही वजह है कि इस परीक्षा में सिर्फ नंबर नहीं, परसेंटाइल (Percentile) की अधिक अहमियत होती है। परसेंटाइल यह बताता है कि आपने कितने प्रतिशत छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है।
अब आते हैं जेईई मेन की क्वालिफाइंग कट ऑफ पर। जेईई मेन का क्वालिफाइंग कट ऑफ परीक्षा कराने वाली एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) तय करती है। कट-ऑफ न्यूनतम परसेंटाइल को कहते हैं, जिसे पार करने के बाद छात्र जेईई एडवांस की परीक्षा में हिस्सा ले सकते हैं। लेकिन ये कट-ऑफ सिर्फ जेईई एडवांस परीक्षा में हिस्सा लेने के योग्य बनाती है, एनआईटी या आईआईटी में प्रवेश के लिए नहीं। उसके लिए संस्थानों की अपनी अलग कट-ऑफ होती है।
जेईई एडवांस के लिए कैटेगरी वाइज परसेंटाइल
इस साल सभी कैटेगरी के लिए अनुमानित कट-ऑफ नीचे देख सकते हैं।
कैटेगरी अनुमानित जेईई नेम 2026 कट-ऑफ (परसेंटाइल) अनुमानित मार्क्स (300 में से)
नंबर से ज्यादा परसेंटाइल पर लगाएं जोर
जेईई मेन परीक्षा देने वाली छात्रों के लिए यह समझना जरूरी है कि उन्हें नंबर से ज्यादा बेहतर परसेंटाइल के लिए जोर लगाना चाहिए। क्योंकि पेपर अगर कठिन होता है, तो कम अंकों में भी अच्छा परसेंटाइल मिल सकता है। वहीं, आसान पेपर में ज्यादा नंबर लाने के बाद भी परसेंटाइल कम हो सकता है।
जेईई एडवांस के मिलते हैं 2 ही मौके
जेईई एडवांस्ड अधिकतम 2 बार ही दिया जा सकता है और वह भी लगातार दो वर्षों में। इसके अलावा, छात्र ने 12वीं पहली बार 2025 या 2026 में पास की होनी चाहिए और उसने फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथमेटिक्स जैसे जरूरी विषय लिए होने चाहिए। साथ ही, छात्र ने पहले कभी आईआईटी में प्रवेश न लिया हो।