NCERT Deemed University Status: तीन साल के इंतजार के बाद डीम्ड यूनिवर्सिटी बना एनसीईआरटी, शिक्षा मंत्रालय ने दी कैंपस खोलने और कोर्स चलाने की मंजूरी

NCERT Deemed University Status: सरकार से मंजूरी मिलने के बाद एनसीईआरटी अब अपना खुद का कैंपस खोल सकेगा और कोर्स भी चला सकेगा। देश के इस प्रमुख शिक्षण संस्थान को तीन साल के लंबे इंतजार के बाद आज शिक्षा मंत्रालय से डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा प्रदान किया गया है।

अपडेटेड Apr 03, 2026 पर 7:46 PM
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सरकार ने एनसीईआरटी को कुछ सख्त शर्तों के साथ डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा दिया है।

NCERT Deemed University Status: अब राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (NCERT) विश्वविद्यालय की तरह अपने कोर्स शुरू कर सकेगा और अपने कैंपस खोल सकेगा। परिषद को यह ताकत तीन साल के लंबे अंतराल के बाद हासिल हुई है। केंद्र सरकार ने आज विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) की सलाह पर एनसीईआरटी को “डीम्ड यूनिवर्सिटी” का दर्जा दे दिया। शुक्रवार को एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर इसकी जानकारी साझा की गई।

परिषद को ये दर्जा हासिल करने में तीन साल का समय लगा है। इसकी शुरुआत यूजीसी पोर्टल पर 2023 में किए एनसीईआरटी के आवेदन से हुई थी। इसके बाद अगस्त 2023 में एक 'लेटर ऑफ़ इंटेंट' जारी किया गया था। नवंबर 2025 में संस्थान ने एक अनुपालन रिपोर्ट (compliance report) पेश की थी, जिसे यूजीसी की विशेषज्ञ समिति ने स्वीकार कर लिया था। इस साल 30 जनवरी को हुई अपनी 595वीं बैठक के दौरान NCERT को दर्जा दे दिया गया।

शिक्षा मंत्रालय की और से जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है, केंद्र सरकार को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत यह अधिकार प्राप्त है कि वह यूजीसी की सलाह पर, उच्च शिक्षा के किसी संस्थान को 'मानित विश्वविद्यालय' (Deemed to be University) घोषित कर सके। यूजीसी अधिनियम, 1956 की धारा 3 के तहत, एनसीईआरटी को डीम्ड टु बी यूनिवर्सिटी का दर्ज दिया जाता है। एनसीईआरटी, अपने छह घटक इकाइयों के साथ,एक 'डीम्ड यूनिवर्सिटी' होगा।


छह संस्थानों को नया स्टेटस मिला

निम्नलिखित छह घटक इकाइयां NCERT में शामिल हैं-

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, अजमेर, राजस्थान

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भोपाल, मध्य प्रदेश

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, भुवनेश्वर, ओडिशा

क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, मानसगंगोत्री, मैसूर, कर्नाटक

पूर्वोत्तर क्षेत्रीय शिक्षा संस्थान, शिलांग, मेघालय

पंडित सुंदरलाल शर्मा केंद्रीय व्यावसायिक शिक्षा संस्थान, भोपाल,मध्य प्रदेश

डीम्ड यूनिवर्सिटी का दर्जा मिलने का मतलब

इस कदम से एनसीईआरटी अब एफिलिएटेड यूनिवर्सिटी पर निर्भर हुए बिना कोर्स, मूल्यांकन व्यवस्था और सर्टिफिकेशन फ्रेमवर्क तैयार कर सकेगा। छात्र के लिए, इसका मतलब है कि अब सीधे एनसीईआरटी डिग्री देगा, साथ ही राष्ट्रीय प्राथमिकता के हिसाब से टीचर एजुकेशन में ज्यादा विशेषज्ञता वाले और शोध परक प्रोग्राम की संभावना भी होगी। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, अधिकारियों ने कहा, "यह भारत के टीचर एजुकेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।"

इन शर्तों के साथ मिला दर्जा

सरकार ने एनसीईआरटी को कुछ सख्त शर्तों के साथ यह दर्जा दिया है। संस्थान अपनी संपत्ति या फंड बिना सरकार और यूजीसी की अनुमति के ट्रांसफर नहीं कर सकता। साथ ही, वह किसी भी तरह की मुनाफा कमाने वाली गतिविधि में शामिल नहीं होगा। एनसीईआरटी को रिसर्च, पीएचडी और नए शैक्षणिक कार्यक्रमों को बढ़ावा देना होगा। साथ ही, उसे NAAC और NBA जैसी संस्थाओं से मान्यता लेनी होगी। इसके अलावा, संस्थान को हर साल NIRF रैंकिंग में भी भाग लेना अनिवार्य होगा, ताकि उसकी गुणवत्ता और प्रदर्शन का आकलन किया जा सके। एनसीईआरटी को अपने सभी कोर्स यूजीसी और अन्य शिक्षा संस्थाओं के नियमों के अनुसार ही चलाने होंगे। नए कोर्स, ऑफ-कैंपस सेंटर या विदेशी कैंपस भी तय नियमों के तहत ही शुरू किए जा सकेंगे। छात्रों के एडमिशन, सीटों की संख्या और फीस से जुड़े सभी नियमों का पालन करना भी जरूरी होगा।

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