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NEET re-exam 2026: अब एनटीए के लॉकडाउन में रहेंगे नीट पेपर सेट करने वाले गुरुजी, मोबाइल, इंटरनेट और स्मार्ट वॉच पर पाबंदी

NEET re-exam 2026: एनटीए नीट यूजी पुन: परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित करने जा रहा है। इस परीक्षा के पेपर सेटर और ट्रांसलेटरों को परीक्षा एजेंसी ने लॉकडाउन में रखने का फैसला किया है। पेपर सेट करने वाले गुरुजी अपने साथ मोबाइल फोन, इंटरनेट और स्मार्ट वॉच भी नहीं रख सकते

MoneyControl Newsअपडेटेड Jun 08, 2026 पर 12:31 PM
NEET re-exam 2026: अब एनटीए के लॉकडाउन में रहेंगे नीट पेपर सेट करने वाले गुरुजी, मोबाइल, इंटरनेट और स्मार्ट वॉच पर पाबंदी
एनटीए नीट यूजी 2026 री-एग्‍जाम 21 जून 2026 को 551 शहरों में आयोजित करेगा।

NEET re-exam 2026: लगता है नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नीट यूजी 2026 परीक्षा की पेपर लीक विवाद के बाद से अपना सबक सीख लिया है। तभी तो 21 जून 2026 को होने जा रही नीट यूजी 2026 पुन: परीक्षा (re-exam) में इस बार परीक्षा देने वाले परीक्षार्थियों के साथ-साथ परीक्षा का पेपर बनाने वाले गुरुजी लोगों पर भी सख्ती करने का फैसला किया है। एनटीए ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 री-एग्जाम की गोपनीयता बनाए रखने के लिए पेपर सेट करने, उसकी मॉडरेशन करने और पेपर का अनुवाद (Translation) करने वाले सभी विशेषज्ञों को सख्त एकांतवास में भेजने का फैसला किया है।

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम में दो हफ्ते से भी कम समय बचा है, ऐसे में अधिकारियों ने किसी भी राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षा के लिए अब तक का सबसे कड़ा सुरक्षा अभियान शुरू किया है। द टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के मुताबिक, नीट री-एग्जाम के प्रश्न पत्र को सेट करने, मॉडरेट करने और ट्रांसलेट करने में शामिल सभी विशेषज्ञों को एक सुरक्षित, अनजान जगह पर ले जाया गया है और 21 जून को एग्जाम खत्म होने तक उन्हें सख्त लॉकडाउन में रखा जाएगा। एक बहुत बड़े सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत इस परीक्षा से जुड़े सभी विशेषज्ञ फोन, लैपटॉप, इंटरनेट एक्सेस और लगभग सभी बाहरी संचार माध्यमों से अलग-थलग रहेंगे।

प्रश्न पत्र सेट करने की शुरुआत के साथ लॉकडाउन शुरू

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम की तैयारियों से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि पेपर सेटर, मॉडरेटर, ट्रांसलेटर और क्वेश्चन पेपर बनाने के गोपनीय चरणों से जुड़े दूसरे लोगों को भी अत्यंत सुरक्षित जगह पर 24 घंटे निगरानी में रखा गया है। मोबाइल फोन, लैपटॉप, स्मार्टवॉच और दूसरे कम्युनिकेशन डिवाइस पर रोक लगा दी गई है। इंटरनेट एक्सेस पर रोक लगा दी गई है, बाहर से आने-जाने पर कड़ा कंट्रोल है और जगह के अंदर-बाहर आने-जाने पर नजर रखी जा रही है और उसे डॉक्यूमेंट किया जा रहा है। विशेषज्ञों का लॉकडाउन 21 जून को दोबारा परीक्षा पूरी होने तक लागू रहेगा।

बहुत बड़े सिक्योरिटी नेट की बस पहली लेयर

अधिकारियों का कहना है कि पेपर सेटर को अलग रखना, परीक्षा की प्रक्रिया को शुरू से आखिर तक सुरक्षित रखने के लिए बनाए गए मल्टी-टियर सुरक्षा फ्रेमवर्क का सिर्फ पहला हिस्सा है। प्रश्न पत्र बनाने और अनुवाद से लेकर मॉडरेशन, प्रिंटिंग, पैकेजिंग, स्टोरेज, ट्रांसपोर्टेशन और फाइनल डिस्ट्रीब्यूशन तक, हर स्टेज पर कड़ी जांच की जा रही है। इस पूरी प्रक्रिया को अलग-अलग हिस्सों में बांटा गया है ताकि यह पक्का हो सके कि किसी एक व्यक्ति या ग्रुप को ऑपरेशन की पूरी चेन का एक्सेस न मिले, जिससे लीक या बिना इजाजत के खुलासे की संभावना काफी कम हो जाए।

551 शहरों में री-एग्जाम

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