NEET UG Re-Examination 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET) स्नातक (UG) 2026 के परीक्षार्थियों की परीक्षा फीस रिफंड की प्रक्रिया शुरू करने के लिए आज यानी 21 मई, 2026 की तारीख निधारित की है। अपने आधिकारिक एफएक्यू डॉक्यूमेंट में, एनटीए ने साफ किया कि कैंडिडेट्स को री-एग्जाम में बैठने के लिए कोई एक्स्ट्रा फीस नहीं देनी होगी। एजेंसी ने आगे कहा कि फीस रिफंड के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स शेयर करने के लिए एक डेडिकेटेड मॉड्यूल 21 मई, 2026 से उपलब्ध कराया जाएगा।
अपने एफएक्यू में एनटीए ने कहा, "एग्जाम फीस रिफंड के लिए बैंक अकाउंट डिटेल्स शेयर करने का मॉड्यूल कैंडिडेट्स को 21 मई 2026 तक दिया जाएगा।" कैंडिडेट्स को इस मॉड्यूल में अपनी बैंक डिटेल्स डालनी होंगी। इस संबंध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने छात्रों को भरोसा दिलाया था कि पहले दी गई फीस रिफंड कर दी जाएगी।
बता दें, नीट यूजी 2026 री-एग्जाम 21 जून 2026 को आयोजित किया जाएगा। इसके लिए एनटीए परीक्षार्थियों को अपने परीक्षा शहर और वर्तमान पते में बदलाव के लिए आज तक का समय दिया था। साथ ही, एनटीए ने कहा है कि परीक्षार्थियों को री-एग्जाम में 15 मिनट अतिरिक्त दिया जाएगा।
एनटीए ने सुधार के लिए कमर कसी
03 मई 2026 को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के पेपर लीक होने का खुलासा होने के बाद से एनटीए चौतरफा मुश्किलों में घिरा दिखाई दे रहा है। देश में विभिन्न प्रमुख परीक्षाएं कराने वाली संस्था के तौर पर एनटीए ने अपने अंदर कई बदलावों की रूपरेखा तैयार की है। इसके तहत एजेंसी में वरिष्ठ अधिकारियों की तैनाती की गई है, जबकि सीटीओ, सीएफओ और जीएम-एचआर जैसे बड़े पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। एजेंसी का कहना है कि इन सुधारों का मकसद देशभर में आयोजित होने वाली परीक्षाओं की विश्वसनीयता बढ़ाना और उम्मीदवारों का भरोसा मजबूत करना है।
एनटीए ने बताया कि परीक्षा प्रणाली में बड़े तकनीकी बदलाव किए जाएंगे। एजेंसी के मुताबिक, प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर प्रिंटिंग और लॉजिस्टिक्स तक हर स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जाएगी। इसके अलावा AI आधारित मॉनिटरिंग, डेटा एनालिटिक्स, लगातार निगरानी और डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम का इस्तेमाल भी बढ़ाया जाएगा।
बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन से उम्मीदवारों की पहचान
एनटीए अब उम्मीदवारों की पहचान के लिए बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी तकनीकों का इस्तेमाल बढ़ाएगरा। इसका मकसद फर्जी उम्मीदवारों और परीक्षा में गड़बड़ी की संभावनाओं को रोकना है। एनटीए यह पूरा सुधार कार्यक्रम शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग की निगरानी में लागू करने जा रहा है।
एनटीए ने यह भी कहा है कि उम्मीदवारों और अभिभावकों की शिकायतों के समाधान के लिए भी नई व्यवस्था तैयार की जा रही है। पारदर्शिता बढ़ाने, संवाद व्यवस्था मजबूत करने और शिकायतों का जल्दी निपटारा करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।