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Nisarga Adhikary on CBSE OSM: शौकिया हैकर निसर्ग ने बताया कैसे पकड़ी सीबीएसई के मूल्यांकन सिस्टम में गड़बडियां, पोर्टल तैयार करने वाले कंपनी का है पुराना इतिहास

Nisarga Adhikary on CBSE OSM: खुद को एथिकल हैकर कहने वाले निसर्ग अधिकारी ने कई देश की साइबर सुरक्षा एजेंसी को पूरे मामले की खबर दी। उन्होंने काफी समय तक सीबीएसई बोर्ड सहित सभी पक्षों से जवाब का इंतजार किया। जवाब नहीं मिलने पर उन्होंने सोशल मीडिया पर जांच का खुलासा किया

MoneyControl Newsअपडेटेड May 27, 2026 पर 5:40 PM
Nisarga Adhikary on CBSE OSM: शौकिया हैकर निसर्ग ने बताया कैसे पकड़ी सीबीएसई के मूल्यांकन सिस्टम में गड़बडियां, पोर्टल तैयार करने वाले कंपनी का है पुराना इतिहास
निसर्ग शौकिया साइबर सिक्योरिटी रिसर्चर है और इसी साल 12वीं क्लास की परीक्षा दी है।

Nisarga Adhikary on CBSE OSM: सीबीएसई बोर्ड से 12वीं कक्षा की परीक्षा देने जा रही छात्र निसर्ग अधिकारी ने फरवरी में सीबीएसई द्वारा इस्तेमाल किए ने वाले डिजिटल मूल्यांकन पोर्टल के बारे में खोजबीन करना शुरू किया। उन्होंने यूट्यूब वीडियो और सार्वजनिक तौर पर उपलब्ध सर्कुलर से जानकारियां जुटाटनी शुरू की। उन्होंने यह जानकारी जिज्ञासावश जुटाई थी, जो जल्द ही एक ऐसी जिम्मेदारी में बदल गया, जिसमें भारत की साइबर इमाजेंसी एजेंसी CERT-In भी जुड़ गई। महीनों लंबी चली इस मुहिम में वेंडर्स को बिना जवाब वाले मेल मिले और आखिरकार, एक वायरल खुलासा हुआ जिससे पोर्टल को ऑफलाइन करना पड़ा।

निसर्ग ने मनीकंट्रोल को पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी से फोन इंटरव्यू में बताया, ‘मुझे यह जानकर उत्सुकता हुई कि उन्होंने कॉपियों के डिजिटल मूल्यांकन के लिए एक पोर्टल http://cbse.onmark.co.in तैयार किया है। मैंने देखना शुरू किया, तो मुझे डोमेन मिल गया। टीचर्स उसका इस्तेमाल कर रहे थे और उस पर ऑनलाइन वीडियो भी थे।’ अधिकारी ने कहा कि उनके पास इसे एक्सेस करने के लिए जरूरी क्रेडेंशियल नहीं थे। उन्होंने कहा, ‘मुझे मास्टर पासवर्ड मिला, जो छुपा हुआ नहीं था बल्कि यह असल में कोड में हार्डकोडेड था।’

अपने ब्लॉग पोस्ट में अधिकारी ने सीबीएसई के डिजिटल मूल्यांकन पोर्टल में मौजूद कई कथित खामियों के बारे में विस्तार से बताया है। इसमें क्लाइंट साइड ओटीपी प्रमाणिकता, उजागर क्रेडेंशियल और अपर्याप्त एक्सेस कंट्रोल शामिल है। अधिकारी ने इनकी तुलना नौसीखिया द्वारा की जाने वाली गलतियों से की। वह कहते हैं, ‘ये बहुत बड़ी सुरक्षा चूक है।’ जिसके पास ब्राउजर है, वो ये कोड आराम से देख सकता है। इसके लिए बहुत गहराई से जांच करने की भी जरूरत नहीं है।

सीबीएसई के लिए पोर्टल बनाने वाले कंपनी पर पहले भी लगे आरोप

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