UP Board: कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए भी जरूरी होगी APAAR ID, 12 अंकों का डिजिटल पहचान पत्र शैक्षिक रिकॉर्ड रखेगा सुरक्षित

UP Board: यूपी बोर्ड में कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए 12 अंकों के डिजिटल पहचान पत्र APAAR ID को अनिवार्य करने का फैसला किया है। बोर्ड ने छात्रों से अपार आईडी बनावाने के लिए कहा है। साथ ही अपने बोर्ड परीक्षा फॉर्म पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने को कहा है। आइए जानें इसके बारे में

अपडेटेड Aug 28, 2026 पर 12:10 PM
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अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।

UP Board APAAR ID 2026: नए शैक्षिक सत्र 2026-27 से उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कक्षा 9 से 12 के छात्रों के लिए बड़े बदलाव की घोषणा की है। यूपी बोर्ड ने नए सत्र से छात्रों को अपनी APAAR ID बनवाने को कहा है। साथ ही बोर्ड ने छात्रों को बोर्ड परीक्षा फॉर्म के पंजीकरण और आवेदन में इसे दर्ज करने का भी निर्देश दिया है। अपार आईडी 12 अंकों का एक डिजिटल प्रमाण पत्र है, जिसमें छात्रों के सभी शैक्षिक रिकॉर्ड सुरक्षित रहेंगे।

परिषद का कहना है कि ‘वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ के तहत बनाई जाने वाली अपार आईडी के जरिए मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज डिजीलॉकर में सुरक्षित रहेंगे। साथ ही, सही शैक्षणिक विवरण के आधार पर छात्रों को छात्रवृत्ति, कल्याणकारी योजनाओं और दूसरी शैक्षणिक सुविधाओं का लाभ सीधे मिल सकेगा।

यूपी बोर्ड वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी’ की व्यवस्था के जरिए छात्रों के शैक्षणिक रिकॉर्ड को डिजिटल और सुरक्षित बनाने पर जोर दे रहा है। अभी कक्षा 9 और 11 के छात्रों का अग्रिम पंजीकरण और कक्षा 10 और 12 के छात्रों के परीक्षा आवेदन की प्रक्रिया चल रही है। इस बीच, अपार आईडी को लेकर यूपी बोर्ड की अपील छात्रों और अभिभावकों के लिए इसलिए अहम है, क्योंकि परिषद चाहता है कि विद्यार्थी भविष्य के लिए अपनी डिजिटल शैक्षणिक पहचान तैयार रखें। हालांकि इसे परीक्षा फॉर्म या अग्रिम पंजीकरण में दर्ज करना अभी अनिवार्य नहीं किया गया है। इससे स्कूल की पढ़ाई से लेकर आगे की उच्च शिक्षा तक उनके शैक्षणिक रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद मिल सकेगी।

क्या है अपार आईडी?

अपार आईडी छात्रों की 12 अंकों की स्थायी डिजिटल पहचान है। यह छात्र की स्कूल से लेकर उच्च शिक्षा तक की शैक्षणिक यात्रा से जुड़े रिकॉर्ड को एक जगह सुरक्षित रखने में मदद करती है। इसके तहत छात्र के शैक्षणिक क्रेडिट और रिपोर्ट कार्ड जैसे जरूरी दस्तावेज डिजिटल रूप में सुरक्षित रखे जा सकते हैं। शिक्षा से जुड़ी छात्र की हर जानकारी एक डिजिटल पहचान से जोड़ी जा सकती है।

कागजी प्रमाणपत्र पर नहीं रहेंगे निर्भर


अपार आईडी का एक बड़ा फायदा यह है कि इसके जरिए विद्यार्थियों के जरूरी शैक्षणिक प्रमाणपत्र डिजीलॉकर में डिजिटल रूप से सुरक्षित रहेंगे। इनमें मार्कशीट और ट्रांसफर सर्टिफिकेट जैसे दस्तावेज शामिल हैं। इसकी मदद से छात्रों को अपने जरूरी शैक्षणिक दस्तावेजों को संभालकर रखने के लिए सिर्फ कागजी प्रमाणपत्रों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा।

छात्रवृत्ति पाना भी होगा आसान

परिषद के मुताबिक अपार आईडी के जरिए छात्रों का सही विवरण और आंकड़े उपलब्ध रहने से उन्हें छात्रवृत्ति और दूसरी कल्याणकारी योजनाओं का लाभ सीधे दिलाने में मदद मिलेगी। अपार आईडी सिर्फ पहचान संख्या नहीं होगी बल्कि छात्र के डिजिटल शैक्षणिक रिकॉर्ड को व्यवस्थित रखने का जरिया भी बनेगी।

परीक्षा फॉर्म में अपार आईडी देना अनिवार्य नहीं

यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह ने स्पष्ट किया है कि अग्रिम पंजीकरण या परीक्षा आवेदन पत्र भरते समय अपार आईडी का विवरण देना फिलहाल अनिवार्य नहीं है। इसके बावजूद परिषद विद्यार्थियों के व्यापक हित को देखते हुए इसे बनवाने और पंजीकरण व परीक्षा फॉर्म में दर्ज कराने का अनुरोध कर रहा है। सचिव ने सभी विद्यालयों के प्रधानाचार्यों, शिक्षकों और अभिभावकों से विशेष रूप से कहा है कि वे विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने में सहयोग करें। परिषद के सचिव के मुताबिक अपार आईडी बनाने का काम अभिभावकों की सहमति से पूरा किया जाता है।

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