UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड की 10वीं और 12वीं कक्षा की फाइनल बोर्ड परीक्षा के बीच बोर्ड ने फर्जी खबरें फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिए (12वीं) की परीक्षा के संबंध में यूट्यूब पर फर्जी खबरें प्रसारित करने के मामले में चार यूट्यूबर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने का आदेश दिया है। यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह की शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
साइबर पुलिस ने यूट्यूब चैनल टारगेट बोर्ड आर्ट्स क्लास, आनलाइन स्टडी विथ दिवाकर सर, स्मार्ट एकेडमी और साइंस की पढ़ाई के खिलाफ आइटी एक्ट के तहत फर्जी खबरें प्रसारित करने के आरोप में केस दर्ज किया है। साइबर थाने में दर्ज शिकायत में कहा गया है कि इन यूट्यूब चैनलों ने शैक्षिक सत्र 2025-26 की बोर्ड परीक्षा के खिलाफ अपने मंच से भ्रामक खबरें प्रसारित कीं। इसमें प्रश्नपत्र वायरल शीर्षक वाली झूठी खबरें पेश की गईं। साथ ही और वीडियो अपलोड करके अफवाह फैलाई गई। इसमें चार यूट्यूब चैनल शामिल हैं।
बोर्ड सचिव की ओर से दर्ज शिकायत में कहा गया है कि इन भ्रामक और फर्जी सूचना खबरों से शासन, प्रशासन और परीक्षार्थियों में परीक्षा को लेकर भ्रम एवं असमंजस की स्थिति उत्पन्न हुई। साथ ही, इससे यूपी बोर्ड की छवि को धूमिल करने का प्रयास किया गया।
18 मार्च से जांची जाएंगी यूपी बोर्ड की कॉपियां
यूपी बोर्ड की हाईस्कूल और इंटरमीडिएट की कॉपियों का मूल्यांकन 18 मार्च से शुरू किया जा सकता है। बोर्ड परीक्षा की कॉपियों के मूल्यांकन के लिए पूरे प्रदेश में 249 केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर 10वीं-12वीं की परीक्षा में शामिल लगभग 50 लाख छात्र-छात्राओं की पौने तीन करोड़ कॉपियां जांची जाएंगी। इसके लिए लगभग 1.40 लाख परीक्षकों की तैनाती भी की जा रही है। मूल्यांकन सीसीटीवी कैमरे की निगरानी में कराए जाएंगे और बोर्ड परीक्षा की तरह मूल्यांकन के दौरान केंद्रों पर किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। परीक्षकों को मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण ले जाने की अनुमति नहीं मिलेगी।