UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा में कक्ष निरीक्षकों के लिए सख्त निर्देश, वेरिफिकेशन के बाद ही होगी नियुक्ति

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड परीक्षा में तैनात होने वाले कक्ष निरीक्षकों के लिए सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और साफ-सुथरे ढंग से कराने की पूरी जिम्मेदारी इन कक्ष निरीक्षकों की होगी। आइए जानें इस साल बोर्ड परीक्षा में किस तरह की सख्ति देखने को मिलेगी

अपडेटेड Feb 05, 2026 पर 10:10 AM
  • Follow Us On Google
  • Add as a Preferred Source on Google
बोर्ड ने परीक्षा की निगरानी करने वाले कक्ष निरीक्षकों के लिए भी सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं।

UP Board Exam 2026: यूपी बोर्ड 2026 की परीक्षा का समय पास आ रहा है। यूपी बोर्ड परीक्षा को साफ-सुथरे, बिना नकल और हंगामे के करवाने के लिए उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने कई कड़े प्रबंध किए हैं। इसके साथ ही बोर्ड ने परीक्षा की निगरानी करने वाले कक्ष निरीक्षकों के लिए भी सख्त गाइडलाइंस जारी की हैं। यह निर्देश माध्यमिक शिक्षा पदिषद के सचिव भगवती सिंह द्वारा जारी किए गए हैं। बोर्ड परीक्षा को नकलविहीन और शुचितापूर्ण ढंग से कराने का पूरा दारोमदार कक्ष निरीक्षकों को सौंपा गया है। इनकी नियुक्ति को लेकर भी परिषद ने सख्त व्यवस्था दी है। आइए जानें इस बार बोर्ड परीक्षा में किस तरह की सख्ती देखने को मिलेगी और कक्ष निरीक्षकों को लेकर परिषद कर क्या गाइडलाइन है?

बाहरी निरीक्षक की मौजूदगी जरूरी : हर परीक्षा कक्ष में कम से कम दो कक्ष निरीक्षक तैनात किए जाएंगे। इनमें एक बाहरी विद्यालय का होगा। पांच कमरों पर एक अवमोचक की भी व्यवस्था की जाएगी।

आंतरिक शिक्षक की ड्यूटी से पहले इजाजत : बाहरी निरीक्षक उपलब्ध न हो तो जिला विद्यालय निरीक्षक की अनुमति से आंतरिक शिक्षक को लगाया जा सकेगा, जिसकी सूचना जिला कंट्रोल रूम को देनी होगी।

40 छात्रों पर दो निरीक्षक : परीक्षार्थियों की संख्या के आधार पर भी निरीक्षकों की संख्या तय की गई है। 40 विद्यार्थियों तक दो निरीक्षक और 41 से 60 तक तीन निरीक्षक लगाए जाएंगे। इसी अनुपात में आगे की गणना होगी.

सत्यापन के बिना तैनाती नहीं : परिषद ने साफ किया है कि किसी भी शिक्षक की ड्यूटी लगाने से पहले उसके डॉक्युमेंट का सत्यापन अनिवार्य होगा, जो संबंधित विद्यालय के प्रधानाचार्य करेंगे। बिना वेरिफिकेशन के किसी भी शिक्षक को कक्ष निरीक्षक की ड्यूटी नहीं दी जाएगी।

तीन दिन पहले जॉइनिंग : कक्ष निरीक्षक के रूप में तैनात शिक्षक परीक्षा शुरू होने से तीन दिन पहले अपने निर्धारित केंद्र पर रिपोर्ट करेंगे। इस वर्ष यह तिथि 15 फरवरी 2026 तय की गई है।


रिश्तेदार वाले केंद्र पर नहीं लगेगी ड्यूटी : परिषद ने अपने बच्चे या करीबी रिश्तेदार जिस परीक्षा केंद्र पर परीक्षा दे रहे हों, वहां उस शिक्षक की ड्यूटी नहीं लगाई जाएगी। संबंधित विद्यालयों को ऐसे शिक्षकों की सूची पहले ही जिला विद्यालय निरीक्षक को देनी होगी। जिस विद्यालय के छात्र किसी केंद्र पर परीक्षा दे रहे हैं, उसी विद्यालय के शिक्षकों को वहां कक्ष निरीक्षक नहीं बनाया जाएगा। एक ही प्रबंधन वाले स्कूलों के शिक्षकों की तैनाती भी आपस में नहीं की जाएगी।

लापरवाही पर कड़ी कार्रवाई : परिषद ने स्पष्ट किया है कि परीक्षा ड्यूटी से बचने, जानबूझकर अनुपस्थित रहने या लापरवाही बरतने वाले शिक्षक के खिलाफ अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक सुनिश्चित करेंगे कि विवादित शिक्षकों को कक्ष निरीक्षण कार्य में न लगाया जाए।

महिला परीक्षार्थियों के लिए महिला निरीक्षक जरूरी : जहां परीक्षा केंद्रों पर छात्राएं परीक्षा दे रही हैं, वहां महिला कक्ष निरीक्षकों की नियुक्ति अनिवार्य की गई है।

ओएमआर शीट पर अलग से निर्देश : कक्ष निरीक्षक को पहले स्वयं निर्देश पुस्तिका पढ़नी होगी और फिर विद्यार्थियों को भी सही तरीके से ओएमआर भरने की जानकारी देनी होगी ताकि तकनीकी त्रुटियां न हों।

अब सिलेक्टेड उम्मीदवार नहीं भर सकेंगे UPSC CSE का फॉर्म! नियमों में हुए बड़े बदलाव, रैंक सुधार के लिए बार-बार एग्जाम देने पर लगी पाबंदी

हिंदी में शेयर बाजार स्टॉक मार्केट न्यूज़,  बिजनेस न्यूज़,  पर्सनल फाइनेंस और अन्य देश से जुड़ी खबरें सबसे पहले मनीकंट्रोल हिंदी पर पढ़ें. डेली मार्केट अपडेट के लिए Moneycontrol App  डाउनलोड करें।